इंदौर: 21 वीं सानंद नाट्य स्पर्धा में शुक्रवार को इंदौर की प्रसिद्ध नाट्य संस्था अविरत ने जयंत दलवी के सुपरहिट नाटक गेट वेल सून का अविस्मरणीय मंचन किया. नाटक के दिग्दर्शक हैं युवा रंगकर्मी अभिनय देशमुख. व्यसनमुक्ति जैसे गंभीर सामाजिक विषय पर आधारित नाटक ‘गेट वेल सून’ अपनी सशक्त प्रस्तुति, संवेदनशील कथ्य और रोमांचक नाट्य-शिल्प के कारण दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ता है.डॉ. आनंद नाडकर्णी की चर्चित पुस्तक ‘मुक्तिपत्रे’ पर आधारित इस नाटक का रूपांतरण लेखक प्रशांत दळवी ने किया है, जिन्होंने व्यसन के दुष्परिणामों को उपदेशात्मक शैली से दूर रखते हुए एक प्रभावी पारिवारिक और मनोवैज्ञानिक कथा के रूप में प्रस्तुत किया है.
नाटक का केंद्र पात्र प्रतीक है, जो प्रतिभाशाली और सफल होने के बावजूद शराब की लत का शिकार हो जाता है. उसकी पत्नी लतिका उसे व्यसनमुक्ति केंद्र तक पहुंचाने और सामान्य जीवन में लौटाने के लिए संघर्ष करती है. इसी संघर्ष के माध्यम से नाटक यह स्थापित करता है कि व्यसन कोई अपराध नहीं, बल्कि उपचार की आवश्यकता वाला एक गंभीर रोग है. दिग्दर्शक अभिनय देशमुख ने विषय की गंभीरता और नाटकीय गति के बीच उत्कृष्ट संतुलन बनाया है. पहले अंक का रोमांचक समापन और दूसरे अंक की भावनात्मक गहराई दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है. कहीं भी अनावश्यक उपदेश नहीं, बल्कि घटनाओं और संवादों के माध्यम से संदेश स्वाभाविक रूप से उभरकर सामने आता है.
कलाकारों ने अपने-अपने पात्रों को पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ जीवंत किया है. विशेष रूप से मुख्य पात्रों के आंतरिक द्वंद्व, पीड़ा और रिश्तों के उतार-चढ़ाव को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया गया, जिससे कथा और अधिक विश्वसनीय बनती है.कुल मिलाकर, ‘गेट वेल सून’ केवल व्यसनमुक्ति का संदेश देने वाला नाटक नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं, रिश्तों और उम्मीद की ताकत को रेखांकित करने वाली एक परिपम् रंगमंचीय प्रस्तुति है, जो दर्शकों को सोचने के लिए विवश करती है.
कलाकार –
अभिनय देशमुख, किरण आचार्य,
कु. योजना दिघे, पर्णिका बोडस, डॉ. राहुल कुलकर्णी, सौ. सारिका आपटे, शंतनु हंडियेकर, रूपेश आपटे, शिवम लोंढे
