नयी दिल्ली, 02 जुलाई (वार्ता) गृह राज्य मंत्री नित्यानन्द राय ने गुरुवार को यहां एक समारोह में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) एवं राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के सफल माउंट एवरेस्ट अभियान तथा बीएसएफ के माउंट ल्होत्से अभियान दलों का अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने आईटीबीपी और एनएसजी के नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया। समारोह में गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक महेश दीक्षित, आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर, एनएसजी के महानिदेशक बी. श्रीनिवासन, बीएसएफ के महानिदेशक प्रवीण कुमार सहित तीनों बलों के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद थे।
कार्यक्रम में तीनों बलों ने अपने-अपने पर्वतारोहण अभियानों की प्रस्तुति दी । इसके बाद अभियान दलों के नेताओं ने गृह राज्य मंत्री को अभियान ध्वज भेंट किया। समारोह में आईटीबीपी और एनएसजी के नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया तथा अभियान दलों द्वारा गृह राज्य मंत्री को स्मृति चिह्न भी भेंट किया गया। श्री राय ने सभी पर्वतारोहियों, अभियान दलों तथा इस सफलता से जुड़े प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि विश्व की सर्वोच्च पर्वत चोटियों पर तिरंगा फहराना केवल एक साहसिक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के अनुशासन, उत्कृष्ट प्रशिक्षण, पेशेवर दक्षता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का सशक्त प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि पर्वतारोहण नेतृत्व, निर्णय क्षमता, जोखिम प्रबंधन तथा टीम भावना की सर्वोच्च परीक्षा है और किसी भी अभियान की वास्तविक सफलता पूरी टीम के सुरक्षित लौटने में निहित होती है।
उन्होंने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा, आतंकवाद एवं नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान तथा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में जिस कौशल की आवश्यकता होती है, वही कौशल पर्वतारोहण अभियानों में भी परिलक्षित होते हैं। इसलिए ये उपलब्धियां केवल साहसिक खेलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की संस्थागत क्षमता, प्रशिक्षण संस्कृति और परिचालन दक्षता का प्रमाण हैं।
गृह राज्य मंत्री ने कहा कि इस वर्ष के अभियान ऐतिहासिक रहे हैं। उन्होंने आईटीबीपी तथा बीएसएफ के पहले महिला माउंट एवरेस्ट अभियान और माउंट ल्होत्से अभियान तथा एनएसजी के पहले सफल अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इन उपलब्धियों ने भारत की प्रतिष्ठा को वैश्विक स्तर पर नई ऊँचाई प्रदान की है। श्री राय ने महिला पर्वतारोहियों की उपलब्धियों को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने यह सिद्ध किया है कि अवसर एवं प्रशिक्षण मिलने पर भारतीय महिलाएँ राष्ट्र जीवन के प्रत्येक चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में समान दक्षता के साथ उत्कृष्ट योगदान देने में सक्षम हैं। उन्होंने अभियान दलों द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ हिमालय का संदेश देने की भी सराहना करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन के वर्तमान दौर में हिमालय का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। श्री राय ने देश के युवाओं का आह्वान किया कि वे इन अभियानों को केवल पर्वतारोहण की उपलब्धि के रूप में न देखें, बल्कि उनसे अनुशासन, तैयारी, टीमवर्क, उत्तरदायित्व और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा ग्रहण करें।

