ग्वालियर। जिले में स्वास्थ्य विभाग में नौकरी पाने का एक अनोखा और फर्जी मामला सामने आया है। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में दो युवक फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर पहुंच गए। सीएमएचओ के हस्ताक्षर की नकल कर तैयार किए गए इस पत्र को देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। विरोध करने पर युवकों ने कार्यालय में हंगामा और विवाद शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस को बुलाकर दोनों को सौंप दिया गया। पुलिस अब इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए उस ‘संतोष’ नामक युवक की तलाश और उसकी जानकारी जुटाने में जुट गई है।
दफ्तर पहुंचे युवक,शक के घेरे में हस्ताक्षर
ग्वालियर जिला शिक्षा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में दो युवक अपनी नौकरी का नियुक्ति पत्र हाथ में लेकर पहुंचे। युवकों ने सीएमएचओ से मुलाकात कर उन्हें पत्र सौंपा और अपनी ज्वाइनिंग की बात कही। जब सीएमएचओ ने पत्र को हाथ में लेकर गौर से देखा, तो उस पर किए गए हस्ताक्षर उनके खुद के नाम से मिलते-जुलते थे, लेकिन वे असली नहीं थे। सीएमएचओ ने तुरंत युवकों को स्पष्ट किया कि “यह हस्ताक्षर बिल्कुल मेरे जैसे जरूर हैं, लेकिन मेरे नहीं हैं। मेरे कार्यालय से आपके लिए ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया गया है और न ही मैंने इस पर हस्ताक्षर किए हैं।
कार्यालय में हंगामा,विवाद और पुलिस कार्रवाई
फर्जीवाड़ा पकड़े जाने पर दोनों युवक अपनी गलती मानने के बजाय सीएमएचओ कार्यालय में ही विवाद करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख सीएमएचओ कार्यालय ने तुरंत थाटीपुर थाना पुलिस को सूचना देकर दोनो को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस दोनों युवकों को अपने साथ लेकर थाने पहुंची और उनसे पूछताछ की।
इनका कहना है…
संतोष नाम के शख्स की तलाश:विपेंद्र
थाटीपुर थाना प्रभारी विपेंद्र सिंह चौहान ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों युवकों के पास से फर्जी हस्ताक्षर वाला नियुक्ति पत्र बरामद कर लिया गया है। दोनों युवकों से कड़ाई से पूछताछ की गई। एक लड़का संतोष शिवपुरी का है दूसरे का नाम शिशुपाल है, पूछताछ में युवकों ने खुलासा किया कि उन्हें यह फर्जी नियुक्ति पत्र कैलारस के’संतोष भारतीय’ नामक एक अन्य युवक ने दिया था। मुख्य सरगना की जानकारी सामने आते ही इस मामले में आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
