दबंग दुनिया पर 48 करोड़ की कर देनदारी

इंदौर. दबंग दुनिया पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड (डीडीपीएल) के खिलाफ सेंट्रल जीएसटी विभाग ने करीब 48 करोड़ रुपए की कर देनदारी तय की है. विभाग के संयुक्त आयुक्त योगेश पांडुरंग ने जारी आदेश में कंपनी पर 75 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है.कार्रवाई में अखबार के प्रसार और विज्ञापन से जुड़ी आय को लेकर अनियमितता का उल्लेख किया है.

विभाग की जांच में दावा किया है कि दबंग दुनिया पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड की ओर से अखबार के प्रसार की संख्या वास्तविक आंकड़ों से अधिक दर्शाई गई. इसके आधार पर 5.73 करोड़ रुपए की आय बताई गई. वहीं, कथित फर्जी विज्ञापनों के माध्यम से 5.93 करोड़ रुपए की आय दर्शाने का भी उल्लेख किया है. इन दोनों मदों में बताई गई 11.66 करोड़ रुपए की आय को आधार बनाकर विभाग ने कर देनदारी निर्धारित की. विभाग ने 3.68 करोड़ रुपए जीएसटी, 65 लाख रुपए सेस और 44.50 करोड़ रुपए सेस 2 सहित करीब 48 करोड़ रुपए की मांग तय की है. यह कार्रवाई केंद्रीय एवं राज्य जीएसटी अधिनियम तथा राज्यों को क्षतिपूर्ति अधिनियम 2017 के प्रावधानों के तहत की गई है. इस आदेश के खिलाफ कंपनी ने इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन बाद में याचिका वापस ले ली गई. इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले को निरस्त कर दिया.

जांच में डीडीपीएल और ईटीसीएल (ऐलोरा टोबेको) के बीच कारोबारी संबंध होने का भी उल्लेख किया है. विभाग का दावा है कि दोनों संस्थाओं के बीच जुड़ाव था और डीडीपीएल के माध्यम से ऐलोरा टोबेको से जुड़ी कुछ गतिविधियां संचालित की जा रही थीं. आदेश में अखबार के कुछ कर्मचारियों और रिपोर्टरों के नाम पर कथित फर्म संचालित होने का भी जिक्र है. इसमें एक क्राइम रिपोर्टर के नाम पर फर्म, एक कर्मचारी को दूसरी कंपनी में निदेशक बनाए जाने और एक अन्य कर्मचारी के माध्यम से कथित फर्जी पते पर कंपनी पंजीकृत कराने की बात कही गई है. विभाग ने कर सलाहकार के रूप में काम करने वाले एक व्यक्ति को भी संस्थान से जुड़ा कर्मचारी बताया है.

डीडीपीएल की ओर से विभाग के समक्ष कहा गया था कि यदि किसी कर्मचारी या रिपोर्टर ने व्यक्तिगत स्तर पर कोई कार्य किया है तो इसके लिए संस्थान जिम्मेदार नहीं हो सकता. हालांकि विभाग ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाई. सेंट्रल जीएसटी विभाग के अनुसार किशोर वाधवानी और उनसे जुड़ी विभिन्न कंपनियों सहित अन्य पक्षकारों पर पहले से करीब 1946 करोड़ रुपए की कर मांग लंबित है. इसमें 151.54 करोड़ रुपए जीएसटी और 1794.54 करोड़ रुपए सेस शामिल है.

Next Post

गैस पाइपलाइन विस्फोट मामला

Fri Aug 7 , 2026
इंदौर:अवंतिका गैस पाइपलाइन विस्फोट मामले में इलाज खर्च को लेकर पेश किए गए शपथ पत्र में हुई गलती को लेकर एसडीओ ने हाईकोर्ट में माफी मांगी. कोर्ट को बताया कि जिन भुगतानों को पूरा बताया गया था, वे अभी प्रक्रिया में हैं. हाईकोर्ट ने घायलों के इलाज खर्च की जिम्मेदारी […]

You May Like