
इंदौर. स्कूल बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है, बावजूद इसके कुछ वाहन संचालक लापरवाही से बाज नहीं आ रहे हैं. कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देश पर आरटीओ विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए छह स्कूल बसों का फिटनेस रद्द कर दिया, जबकि एक ट्रेवलर को जब्त किया. इसके अलावा बिना परमिट सवारियां भर रहीं तीन बसों को भी जब्त कर करीब 1.30 लाख रुपए का जुर्माना वसूला. आरटीओ प्रदीप शर्मा और एआरटीओ अर्चना मिश्रा की टीम ने महू क्षेत्र के स्कूलों में बसों की जांच की. इस दौरान स्पीड गवर्नर, परमिट, बीमा और फिटनेस सहित सभी दस्तावेजों की गहन पड़ताल की गई. टीम ने छात्रों और अभिभावकों से बातचीत कर ड्राइवर-कंडक्टर के व्यवहार और बसों की स्थिति के बारे में जानकारी भी ली. आरटीओ शर्मा ने बताया कि जांच में छह स्कूल बसें फिटनेस मानकों पर खरी नहीं उतरीं. इन बसों में कोई न कोई खामी पाई गई, जिस पर तत्काल प्रभाव से उनका फिटनेस सर्टिफिकेट रद्द कर दिया. जांच के दौरान एक ट्रेवलर वाहन भी पकड़ा गया, जिसमें स्कूली बच्चे सवार थे. लेकिन ड्राइवर के पास न तो परमिट था, न बीमा और न अन्य आवश्यक कागजात. इस पर टीम ने वाहन को जब्त कर लिया. इसी तरह आरटीओ टीम ने रेडिसन चौराहा से विजयनगर चौराहा के बीच चलाए गए चेकिंग अभियान में तीन बसों को जब्त किया. इनमें से दो बसों के पास परमिट नहीं था, जबकि तीसरी बस सड़क किनारे खड़ी कर अवैध रूप से सवारियां भर रही थी. इनसे 1.30 लाख रुपए का जुर्माना वसूला.
बस स्टैंड की जगह सड़क किनारे कर रहे थे मरम्मत और सवारी
हाल ही में आरटीओ ने पालदा से नायता मुंडला के बीच की गई जांच में भी सिद्धि विनायक, सोमनाथ और हंस ट्रेवल्स की चार बसें जब्त की थीं. ये बसें सड़क किनारे खड़ी कर वहीं मरम्मत और साफ-सफाई के साथ सवारी भी बैठा रही थीं. विभाग ने बस मालिकों को कड़ी चेतावनी दी है कि वाहन निर्धारित स्टैंड पर ही खड़े करें, अन्यथा अगली बार सीधे जब्ती की कार्रवाई की जाएगी.
