भुवनेश्वर, 13 अगस्त (वार्ता) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने महिलाओं की सुरक्षा पर राज्य सरकार की ज़ीरो-टॉलरेंस नीति के मद्देनजर पुलिस को गश्त व्यवस्था को मज़बूत करने का निर्देश दिया है। इसमें स्कूलों और कॉलेजों के आसपास, छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित पर विशेष ध्यान देने की बात कही गयी है।
श्री माझी ने बुधवार को अपराध और कानून-व्यवस्था पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को हर समय “एक्शन मोड” में रहने और प्रवर्तन उपायों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया ताकि आम जनता सुरक्षित महसूस करे।
यह निर्देश पिछले महीने लड़कियों से जुड़ी कम से कम चार आत्मदाह की घटनाओं के मद्देनजर आया है, जिससे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को राजनीतिक तौर पर काफी शर्मिंदगी उठानी पड़ी है। विपक्षी कांग्रेस और बीजू जनता दल ने प्रशासन पर महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने में व्यवस्थागत विफलता का आरोप लगाया है।
श्री माझी ने पड़ोसी राज्यों से ओडिशा में ब्राउन शुगर की तस्करी को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करने का भी आह्वान किया और लापता महिलाओं और बच्चों को बचाने के लिए चल रहे प्रयासों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में 8,035 महिलाओं और 3,306 लड़कियों को बचाया गया है। कार्यबल की कमी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने विभाग में रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरने के लिए एक विशेष पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की घोषणा की।
समीक्षा बैठक में जानकारी दी गयी कि ओडिशा में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्यतः नियंत्रण में है और पिछले 15 वर्षों की तुलना में पिछले वर्ष अधिकांश श्रेणियों में अपराध दर में गिरावट देखी गयी है।
श्री माझी ने अवैध हथियारों की तस्करी और गैर-जमानती वारंटों के निष्पादन में पुलिस विभाग के कार्यों पर संतोष व्यक्त किया।
