इंदौर:अवंतिका गैस पाइपलाइन विस्फोट मामले में इलाज खर्च को लेकर पेश किए गए शपथ पत्र में हुई गलती को लेकर एसडीओ ने हाईकोर्ट में माफी मांगी. कोर्ट को बताया कि जिन भुगतानों को पूरा बताया गया था, वे अभी प्रक्रिया में हैं. हाईकोर्ट ने घायलों के इलाज खर्च की जिम्मेदारी सरकार के साथ नगर निगम को भी उठाने के निर्देश दिए हैं.
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई. पिछली सुनवाई के आदेश के पालन में जूनी इंदौर के एसडीओ घनश्याम धनगर कोर्ट में उपस्थित हुए. उन्होंने बताया कि शपथ पत्र में गलती से यह उल्लेख हो गया था कि अहमदाबाद के जाइडस अस्पताल के बकाया भुगतान किए जा चुके हैं, जबकि वास्तव में भुगतान की प्रक्रिया चल रही है. उन्होंने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि संबंधित राशि एक सप्ताह में जमा कर दी जाएगी.
सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि हादसे में घायल लल्लू पटेल, विजय पटेल, सुभाष सिंह ठाकुर और गोपाल मलांकर के बॉम्बे अस्पताल और अरबिंदो अस्पताल में हुए इलाज खर्च की राशि वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. संबंधित अस्पतालों के माध्यम से एक सप्ताह में भुगतान की कार्रवाई पूरी करने की बात कही गई.
इलाज खर्च में देरी पर कोर्ट ने जताई चिंता…
हाईकोर्ट ने पाया कि घायलों को भुगतान में देरी हो रही है. कोर्ट ने कहा कि सरकारी प्रक्रिया में लगने वाले समय के कारण घायलों को परेशानी नहीं होनी चाहिए. इसके बाद कोर्ट ने निर्देश दिए कि इलाज और मुआवजे से जुड़े खर्च की जिम्मेदारी राज्य सरकार के साथ इंदौर नगर निगम भी उठाएगा. सुनवाई के दौरान अवंतिका गैस लिमिटेड को भी पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने तीन कार्य दिवस में नोटिस जारी करने और एक सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने को कहा है.
27 अगस्त को अंतरिम मुआवजे पर सुनवाई…
हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को अगली सुनवाई में अंतरिम मुआवजे के मुद्दे पर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं. मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी. वहीं, इंदौर नगर निगम की ओर से बताया कि बॉम्बे अस्पताल प्रबंधन को घायलों की नि:शुल्क ड्रेसिंग की व्यवस्था करने के लिए कहा है.
भुगतान प्रक्रिया में है…
कोर्ट ने गलत जानकारी वाले शपथ पत्र पर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए थे. हमने कोर्ट को बताया है कि भुगतान प्रक्रिया में है और जल्द पूरी कर दी जाएगी.
घनश्याम धनगर, एसडीओ, जूनी इंदौर
पीड़ितों को राहत मिलने की उम्मीद है….
हाईकोर्ट ने घायलों के इलाज और मुआवजे को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं. अब सरकार और नगर निगम दोनों की जिम्मेदारी तय हुई है, जिससे पीड़ितों को राहत मिलने की उम्मीद है.
रितेश ईणानी, याचिकाकर्ता
