लंदन, इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जो रूट के छोटे भाई और अनुभवी बल्लेबाज बिली रूट ने 34 वर्ष की आयु में प्रोफेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने का चौंकाने वाला फैसला किया है। बिली का यह शानदार करियर इस हफ्ते आधिकारिक तौर पर समाप्त हो जाएगा। वह ग्लेमॉर्गन काउंटी क्लब के उन तीन प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं, जो इस हफ्ते इस खेल को अलविदा कह रहे हैं। सोशल मीडिया पर अपने संन्यास की घोषणा करते हुए बिली ने भावुक संदेश साझा किया और कहा कि क्रिकेट खेलना उनके बचपन का सपना था, जिसे पूरा करने का उन्हें सौभाग्य प्राप्त हुआ। पिछले 14 सालों के अपने इस सफर में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन वे अपने इस शानदार सफर के हर पल से बेहद संतुष्ट हैं।
नॉटिंघमशायर से शुरू हुआ था सफर, ग्लेमॉर्गन के साथ जीते कई खिताब और डिविजन-1 में दिलाई सफलता
लीड्स बेकेट यूनिवर्सिटी से अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद बिली रूट ने नॉटिंघमशायर के साथ अपने प्रोफेशनल करियर की धमाकेदार शुरुआत की थी। साल 2017 में वह नॉटिंघमशायर की उस विजयी टीम का हिस्सा रहे थे जिसने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में दोहरी ट्रॉफियां जीती थीं। इसके बाद 2019 में वे ग्लेमॉर्गन क्लब से जुड़े, जहां उन्होंने दो वनडे कप खिताब जीतने में अहम भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त, पिछले सीजन में ग्लेमॉर्गन को काउंटी चैंपियनशिप के डिविजन-1 में प्रमोशन दिलाने में भी उनका प्रदर्शन बेहद सराहनीय रहा था। बचपन में जो रूट के साथ शेफील्ड कॉलेजिएट क्रिकेट क्लब से क्रिकेट की शुरुआत करने वाले बिली ने 2013 में लॉर्ड्स में ऐतिहासिक टेस्ट मैच के दौरान इंग्लैंड टीम के 12वें खिलाड़ी के रूप में भी मैदान साझा किया था।
क्लब प्रबंधन ने बिली रूट के योगदान की की सराहना, भविष्य के लिए दी शुभकामनाएं
ग्लेमॉर्गन के क्रिकेट निदेशक मार्क वॉलेस ने बिली रूट की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि पिछले सात वर्षों से वह टीम के सबसे भरोसेमंद और महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। उनकी पेशेवर सोच, निरंतरता और दबाव के क्षणों में बेहतरीन प्रदर्शन करने की क्षमता ने उन्हें ड्रेसिंग रूम में एक खास सम्मान दिलाया है। क्लब के खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। संन्यास के बाद अब बिली अपनी जिंदगी के ‘अगले अध्याय’ की शुरुआत करने जा रहे हैं, और क्रिकेट जगत उनके इस शानदार योगदान को हमेशा याद रखेगा।

