
नयी दिल्ली 07 अगस्त (वार्ता) भारत ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक को लेकर अमेरिका सहित कुछ देशों के नेताओं की आपत्तियों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि विधायी मामले हमारे आंतरिक विषय हैं और संसद को इन पर निर्णय लेने का अधिकार है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को मीडिया ब्रीफिंग में इस बारे में पूछे गये सवाल के जवाब में कहा कि यह भारत का आंतरिक मामला है।
प्रवक्ता ने कहा,” हमने इस मामले को देखा है। इस पर कई टिप्पणी आयी है। जहां तक भारत के विधायी मामले का सवाल है यह हमारा आंतरिक विषय है जिसपर हमारी संसद निर्णय लेती है। मैं आपको यह भी बताना चाहता हूं कि दुनिया के कई ऐसे देश हैं जिसमें अमेरिका भी शामिल है जो विदेशी कोष और फंड को विनियमित करते हैं।” उल्लेखनीय है कि अमेरिका और कुछ अन्य देशों के नेताओं ने इस विधेयक को लेकर यह कहते हुए आपत्ति जतायी है कि इससे विशेष रूप से ईसाई संस्था और चर्च प्रभावित होंगे। उनका यह भी कहना है कि इसका विदेशों से अल्पसंख्यकों को मिलने वाली सहायता प्रभावित होगी।
