बारिश का मौसम आते ही प्रकृति मानो नए रंगों से सज उठती है. हरी-भरी वादियां, बादलों से ढकी पहाड़ियां, झरनों की कल-कल और ठंडी हवाएं हर किसी को शहर की भागदौड़ से दूर सुकून के कुछ पल बिताने के लिए आकर्षित करती हैं. यदि आप इंदौर में रहते हैं और मानसून के दौरान किसी खूबसूरत प्राकृतिक स्थल पर ट्रेकिंग या छोटी यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो जानापाव आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है.
इंदौर से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित जानापाव धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व का अद्भुत संगम है. विंध्यांचल पर्वत श्रृंखला की सबसे ऊंची चोटियों में शामिल यह स्थान भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है. मान्यता है कि यहीं महर्षि जमदग्नि का आश्रम था, जहां भगवान परशुराम का जन्म हुआ था. इसी कारण यह स्थान श्रद्धालुओं के साथ-साथ प्रकृति प्रेमियों और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
मानसून के दिनों में जानापाव की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है. पहाड़ियां हरी चादर ओढ़ लेती हैं, बादल कभी घाटियों में उतर आते हैं तो कभी चोटियों को अपनी आगोश में समेट लेते हैं.
हाल ही में शरद ठाकुर अपने दोस्तों की टीम के साथ जानापाव की यात्रा पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में यहां का वातावरण अविस्मरणीय हो जाता है. ट्रेकिंग के दौरान हर मोड़ पर प्रकृति का नया रूप देखने को मिलता है. ठंडी हवाएं, बादलों के बीच से गुजरते रास्ते और दूर-दूर तक फैली हरियाली मन को नई ऊर्जा से भर देती है.
शरद ठाकुर ने कहा कि इंदौर के इतने करीब स्थित इस प्राकृतिक धरोहर को हर प्रकृति प्रेमी को कम से कम एक बार अवश्य देखना चाहिए. उनके अनुसार यह स्थान केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि परिवार, दोस्तों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी एक यादगार पर्यटन स्थल है. यहां बिताया गया हर पल जीवनभर की खूबसूरत याद बन जाता है
