नई दिल्ली, केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक और कानूनी ताकत का उपयोग करते हुए विदेशों में छिपे भगोड़े अपराधियों पर बड़ा शिकंजा कसा है। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में दुनिया के 36 अलग-अलग देशों से कुल 274 भगोड़ों को भारत वापस लाने में सफलता मिली है।
सख्त कानूनी कार्रवाई और संपत्ति जब्ती
आर्थिक अपराधियों पर नकेल कसने के लिए वर्ष 2018 में लागू किए गए ‘फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट’ के तहत सख्त कदम उठाए गए हैं। इसके परिणामस्वरूप, इन भगोड़े अपराधियों की 17,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है, जिससे अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
इंटरपोल और रेड कॉर्नर नोटिस की बढ़ती रफ्तार
भारत अब केवल द्विपक्षीय संधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इंटरपोल के जरिए भी अपनी आक्रामक रणनीति अपना रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सैकड़ों भगोड़ों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए हैं, और दाऊद इब्राहिम तथा नीरव मोदी जैसे हाई-प्रोफाइल नामों को भी जल्द स्वदेश लाने की प्रक्रिया जारी है।

