इंदौर: प्रदेश कांग्रेस प्रभारी ने हाईकमान के निर्देश पर प्रदेश के सभी विभाग और प्रकोष्ठ भंग कर दिए है. इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि शहर अध्यक्ष द्वारा मैदानी कार्यकर्ताओं को पार्टी की जिम्मेदारी सौंपना है. इससे उन लोगों को झटका लगा है जो पार्टी में भोपाल से नियुक्ति पत्र पाकर पार्टी की बजाय निजी हित साधते हैं. खास बात यह है कि इसमें शहर, ब्लॉक एवं वार्ड कमेटी भंग नहीं की गई है.प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने प्रदेश से लेकर शहर के सभी विभाग और प्रकोष्ठ भंग कर दिए है. सभी विभाग और प्रकोष्ठों में शहर कांग्रेस अध्यक्ष की अनुशंसा पर संगठन पुनर्गठन के तहत अध्यक्ष और कमेटी बनाई जाएगी.
प्रदेश प्रभारी के उक्त आदेश से शहर में कौमी एकता प्रदेश अध्यक्ष सच सलूजा, व्यापार प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष अरविंद बागड़ी,अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ शेख अलीम और स्वतंत्रता सेनानी संघ प्रदेश अध्यक्ष अजय सितलानी के पद चले गए. वहीं शहर में अनुसूचित जाति विभाग वीरु झंझोट, पिछड़ा वर्ग दिनेश कुशवाह, अल्पसंख्यक सबर अहमद और आईटी सेल अध्यक्ष नागेश जाधव ने अध्यक्ष पद खो दिया है. इसी तरह विभिन्न प्रकोष्ठ में कौमी एकता गट्टू यादव , सेल अलंकार रायकवार, पर्यावरण नट्टू भागवत, सांस्कृतिक धवन यादव, शिक्षा यश यादव और उपभोक्ता प्रकोष्ठ कपिल जा सहित करीब 26 विभागों और प्रकोष्ठ भंग किए गए हैं. प्रदेश प्रभारी एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं की रिपोर्ट में उपरोक्त पद पर बैठे अधिकांश नेता और पदाधिकारी सिर्फ व्यक्तिगत हित या अपने आंकाओ तक ही सीमित होकर रह गए. कांग्रेस के लिए या तो सिर्फ मुंह दिखाई की जाती है. इसके अलावा कोई सक्रियता नजर नहीं आई है.
नेताओं का रिपोर्ट कार्ड पहुंचाया
बताया जा रहा है कि ऐसे सभी पद पाने वाले नेताओं का रिपोर्ट कार्ड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी तक पहुंचाया गया है. इसके बाद प्रदेश प्रभारी ने पिछले दिनों हाईकमान अवगत कराया. हाईकमान द्वारा पार्टी के लिए काम नहीं करने की बजाय सिर्फ पद लेकर बैठे सभी विभाग और प्रकोष्ठ भंग करने का निर्णय लिया गया है. उसी आधार पर प्रभारी हरीश चौधरी ने आज दोपहर में पत्र जारी कर दिया.
