
इंदौर. भागीरथपुरा में दूषित पानी से फैले डायरिया के मामले में गुरुवार को एक और बुजुर्ग महिला की मौत सामने आई है. इस प्रकरण से जुड़ी मौतों का आंकड़ा अब 24 हो गया है.
भागीरथपुरा के मकान नम्बर 620 में रहने वाली सुभद्राबाई पंवार को परिजनों ने दूषित पानी को ही मौत का कारण बताया हैं. परिजनों के अनुसार सुभद्राबाई की तबीयत 27 दिसंबर से बिगड़ना शुरू हुई थी. उन्हें लगातार उल्टी दस्त की शिकायत थी. 29 दिसंबर की रात हालत गंभीर होने पर उन्हें चरक अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उपचार के बाद 31 दिसंबर को छुट्टी दे दी गई थी. इसके बाद 5 जनवरी को फिर से तबीयत बिगड़ने पर परिजन दोबारा चरक अस्पताल पहुंचे, जहां से उन्हें शेल्बी अस्पताल रेफर किया था. परिजनों का आरोप है कि शेल्बी अस्पताल में उल्टी दस्त की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें वापस लौटा दिया. इसके बाद 8 जनवरी की रात सुभद्राबाई को मेट्रो अस्पताल, बड़ा गणपति अंतिम चौराहा में भर्ती कराया था, जहां हालत गंभीर होने पर आईसीयू में रखा था. गुरुवार सुबह उपचार के दौरान अस्पताल में ही उनकी मौत हो गई. मृतका के बेटे मनीष पंवार का कहना है कि डायरिया से पहले उनकी मां पूरी तरह स्वस्थ थीं और दूषित पानी पीने के बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ी थी.
