नयी दिल्ली, 11 नवंबर (वार्ता) जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फेलोशिप (जेएनएमएफ) ने प्रोफ़ेसर विधु वर्मा को उनकी परियोजना ‘औपनिवेशिक आधुनिकता और ज्ञानमीमांसीय अन्याय: गांधी, आम्बेडकर और टैगोर में राजनीति, नैतिकता और कार्य ‘ के लिए 2025 के लिए नेहरू फ़ेलोशिप की घोषणा की है।
प्रोफ़ेसर वर्मा वर्तमान में नयी दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के सामाजिक विज्ञान संकाय के राजनीतिक अध्ययन केंद्र में प्रोफ़ेसर के रूप में कार्यरत हैं। वह इससे पहले पेरिस स्थित मैसन डेस साइंसेज डे ल’होम में विज़िटिंग फ़ेलो और भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) में वरिष्ठ फ़ेलो रह चुकी हैं।
प्रोफ़ेसर वर्मा का शोध तुलनात्मक राजनीतिक सिद्धांत, नारीवादी राजनीतिक सिद्धांत, राज्य, धर्म और लोकतंत्र भारत में सामाजिक न्याय पर केंद्रित है। उन्होंने हाल ही में ‘धर्मनिरपेक्षता, धर्म और लोकतंत्र’ (ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, नई दिल्ली) नामक खंड का संपादन भी किया है।
मानविकी और सामाजिक विज्ञान में उन्नत शोध को बढ़ावा देने के लिए स्थापित जवाहरलाल नेहरू फ़ेलोशिप दो वर्षों की अवधि के लिए प्रदान की जाती है। इसमें 1,00,000 रुपये का मासिक वजीफा और 75,000 रुपये का वार्षिक आकस्मिक अनुदान शामिल है।
इस वर्ष के पुरस्कार के साथ जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फ़ेलोशिप ने अपनी स्थापना के बाद से अब तक 163 फ़ेलोशिप प्रदान की हैं जो अग्रणी और अंतरविषय अनुसंधान में लगे विद्वानों को समर्थन देने की अपनी परंपरा को जारी रखे हुए है।

