
सिंगरौली । सावन की पहली तेज बारिश ने शहर की बदहाल जलनिकासी व्यवस्था को आईना दिखा दिया। बुधवार को करीब छ: घंटे तक हुई झमाझम बारिश के बाद सिंगरौली के प्रमुख बाजार, सड़के और रिहायशी इलाके पानी से लबालब हो गए। नगर निगम की तैयारियां पहली ही परीक्षा में नाकाम साबित हुईं और जगह-जगह जलभराव ने आमजन की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया।
बैढ़न मुख्य बाजार, बिलौंजी, बस स्टैंड, इंदिरा चौक, कचनी, तेलाई रोड, माजन मोड़ रेलवे ब्रिज, एसपी कार्यालय, नौगढ़ और मॉडल रोड सहित कई स्थानों पर बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहा। नालियां ओवरफ्लो होने से उनमें भरा कचरा, प्लास्टिक और गाद सड़कों पर फैल गई, जिससे पूरे शहर में गंदगी का आलम नजर आया। जलभराव के कारण वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ आवागमन करना पड़ा। कई स्थानों पर सड़क और नाली का अंतर समाप्त हो जाने से पैदल राहगीरों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं कई कॉलोनियों में बारिश का पानी घरों के आंगन तक पहुंच गया, जिससे लोगों को घरेलू सामान बचाने और पानी निकालने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष मानसून से पहले नालियों की सफाई और बेहतर जलनिकासी के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही मूसलाधार बारिश उन दावों की हकीकत उजागर कर देती है। लोगों ने नगर निगम से जलनिकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त करने और नियमित सफाई अभियान चलाने की मांग की है, ताकि हर बरसात में शहर को ऐसी अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।
जलभराव वाले क्षेत्रों में पैनी नजर रखने के निर्देश
जिले में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद है। जिला होमगार्ड कमांडेंट के मार्गदर्शन में एसडीआरएफ, होमगार्ड एवं जिला आपदा प्रबंधन की टीमें निगरी गोपद बैराज सहित अन्य जलभराव एवं बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर लगातार पैनी नजर हैं। निगरी स्थित गोपद बैराज का जलस्तर फिलहाल सामान्य है। बैराज में पानी पुल से लगभग 10 फीट नीचे बह रहा है। हालांकि लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए जलस्तर की नियमित निगरानी की जा रही है। जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। चितरंगी क्षेत्र के गोपद, सोन नदी, लांघाडोल व निगरी का गोपद बैराज एवं रिहंद जलाशय सहित अन्य जलभराव वाले स्थानों पर प्रशासनिक अमला लगातार निगरानी कर रहा है। वहीं प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बारिश के दौरान डूब क्षेत्र, नदी-नालों, जलाशयों एवं गहरे पानी वाले स्थानों पर जाने से बचें। बच्चों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास न जाने दें ।
वार्ड 13 बैगा बस्ती के स्कूल में भरा पानी
सावन की पहली तेज बारिश का सबसे अधिक असर वार्ड क्रमांक 13 स्थित बैगा बस्ती के शासकीय स्कूल में देखने को मिला। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी स्कूल परिसर और कक्षाओं तक पहुंच गया। परिसर में कई जगह पानी भर जाने से विद्यार्थियों और शिक्षकों को आवाजाही में परेशानी हुई। जलभराव के चलते स्कूल का शैक्षणिक माहौल भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने बताया कि हर वर्ष बारिश के दौरान स्कूल में पानी भरने की समस्या सामने आती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है। रहवासियों ने प्रशासन और नगर निगम से स्कूल परिसर की जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा भविष्य में ऐसी स्थिति से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
