
बालाघाट, जिले के नवागत कलेक्टर कुमार सत्यम ने कार्यभार संभालते ही मंगलवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति जानी।
कलेक्टर ने ओपीडी, सेंट्रल पैथोलॉजी, आर्थोपेडिक वार्ड, मेडिकल वार्ड, ब्लड बैंक, नेत्र वार्ड, महिला वार्ड, सोनोग्राफी केंद्र, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) और नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों और स्टाफ की उपस्थिति की भी समीक्षा की।
निरीक्षण में मिले निर्देश
कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि यह उनका पहला निरीक्षण है। अगले निरीक्षण तक यदि अपेक्षित सुधार नहीं मिला तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए संचालित एनआरसी और प्रसूता महिलाओं के प्रतीक्षा कक्ष में एसी लगाने के निर्देश दिए। साथ ही ओपीडी, सेंट्रल पैथोलॉजी और एसएनसीयू में मरीजों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच, सभी वार्डों और प्रतीक्षा कक्षों में पंखे तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने जिला अस्पताल के नए भवन का प्रस्ताव तैयार करने और वर्तमान भवन में मरम्मत कार्य को प्राथमिकता से पूरा कराने के निर्देश भी दिए। अस्पताल परिसर में नियमित साफ-सफाई और स्टाफ की समय पर उपस्थिति पर जोर दिया।
रिकॉर्ड और ABHA ID पर फोकस
कलेक्टर ने सभी मरीजों की ABHA ID अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रसव के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं का पिछले दो माह का विस्तृत रिकॉर्ड मांगा। इसमें भर्ती महिलाओं की संख्या, अस्पताल में हुए प्रसव, रेफर केस और अन्य अस्पताल में ऑपरेशन के लिए जाने वाली महिलाओं की जानकारी शामिल करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन और अस्पताल का स्टाफ उपस्थित था। कलेक्टर के औचक निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन में सक्रियता बढ़ गई है और व्यवस्थाओं में सुधार के कदम तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।
