उज्जैन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालयीन शिक्षा में पवित्र गीता के ज्ञान और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को महत्वपूर्ण स्थान दिया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में हर बच्चे के बस्ते में गीता शामिल की जाएगी, ताकि विद्यार्थी धर्म, कर्तव्य और जीवन-मूल्यों को गहराई से समझ सकें।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जनतंत्र और गणतंत्र के नायक हैं और वर्तमान समय में उनके आदर्शों से सीखना अत्यंत आवश्यक है। श्रीकृष्ण के उपदेश और गीता का ज्ञान समाज में नैतिकता, साहस और सही निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करता है।उन्होंने यह भी कहा कि धर्म के माध्यम से मनुष्य को जीवन के मर्म को समझने का अवसर मिलता है, और पवित्र गीता इस दिशा में मार्गदर्शक ग्रंथ के रूप में कार्य करती है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षा में गीता को शामिल करने से बच्चों में चरित्र निर्माण और आत्मबल का विकास होगा।
