जबलपुर:डेयरी व्यवसाय को बढ़ाने और भैंसें खरीदने का सपना देखना दो जालसाजों ने कृषि उन्नति योजना के तहत लोन दिलाने का झांसा देकर 22 हजार वर्गफीट जमीन बैंक में गिरवी रख दी। आरोपियों ने बैंक से पास हुए 47.16 लाख अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए और पीडि़त को महज 3 भैंसें थमाकर 24.51 लाख हड़प लिए। पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार अधारताल शिव नगर निवासी प्रमोद सिंह यादव (43) अपनी 22 हजार वर्गफीट जमीन पर डेयरी का संचालन करते हैं। व्यापार बढ़ाने के लिए उन्हें भैंसें खरीदनी थीं, जिसके लिए उन्होंने राजुल सिटी गोराबाजार निवासी भारत सिंह राजपूत उर्फ भानू से संपर्क किया। भारत ने उन्हें विश्वास में लिया कि उत्तर प्रदेश के गाजीपुर का रहने वाला उसका परिचित संजीव कुमार यादव जानवरों का बड़ा व्यापारी है। भारत ने प्रमोद को कृषि उन्नति योजना के तहत बैंक लोन दिलाने का लालच दिया और कहा कि इसके लिए सिर्फ 7 हजार वर्गफीट जमीन गिरवी रखनी होगी। प्रमोद झांसे में आ गए और अपने दस्तावेज सौंप दिए। लेकिन दोनों आरोपियों ने मिलकर धोखाधड़ी की और पीडि़त की पूरी 22 हजार वर्गफीट जमीन बैंक में बंधक रख दी।
खाते से कटी 34 हजार की किश्त, तब खुला राज
लोन मंजूर होते ही 47 लाख 16 हजार 800 की पूरी राशि सीधे आरोपी संजीव कुमार यादव के खाते में ट्रांसफर हो गई। इसके बाद आरोपियों ने प्रमोद से चालाकी से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी करा लिए, लेकिन वादे के मुताबिक भैंसें नहीं दीं। पीडि़त को ठगी का अहसास तब हुआ जब उन्हें एक भी भैंस नहीं मिली और उनके खुद के बैंक खाते से 33,997 की मासिक किश्त कट गई। धोखाधड़ी का पता चलते ही पीडि़त प्रमोद सिंह तुरंत बैंक पहुंचे और उन्होंने आरोपी संजीव का बैंक खाता होल्ड करवा दिया। खाता बंद होते ही आरोपी संजीव घबरा गया। उसने तुरंत आरटीजीएस के जरिए प्रमोद को 16 लाख 78 हजार 988 वापस किए। इसके बाद उसने 4 लाख और भेजे। हालांकि, इतनी बड़ी रकम के बदले आरोपियों ने पीडि़त को महज 3 भैंसें ही दीं और बाकी के 24 लाख 51 हजार 12 रुपये डकार गए। काफी प्रयास के बाद भी जब बाकी की रकम और भैंसें नहीं मिलीं, तब पीडि़त ने अधारताल थाने में शिकायत दर्ज कराई।
