पंचकूला , 04 अगस्त (वार्ता) हरियाणा सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (डीएवाईएएलयू- प्रथम) को अधिसूचित कर दिया है। योजना के तहत पात्र परिवारों को मृत्यु तथा स्थायी दिव्यांगता के मामलों में आयु के आधार पर 1 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह अधिसूचना 3 अगस्त, 2026 को जारी की गई है, जो 31 अक्टूबर, 2024 की पूर्व अधिसूचना का स्थान लेगी।
अधिसूचना के अनुसार, योजना का लाभ उन परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम है और जिसका सत्यापन फैमिली इंफॉर्मेशन डेटा रिपॉजिटरी (एफआईडीआर) से होगा। लाभार्थी के पास परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) होना अनिवार्य है तथा उसकी आयु 6 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष तक होनी चाहिए। योजना 1 अप्रैल, 2023 से प्रभावी मानी जाएगी तथा इससे पहले की घटनाओं पर कोई दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
योजना के तहत सहायता राशि आयु के अनुसार निर्धारित की गई है। 6 वर्ष से अधिक और 12 वर्ष तक की आयु के लिए 1 लाख रुपये, 12 से 18 वर्ष तक के लिए 2 लाख रुपये, 18 से 25 वर्ष तक के लिए 3 लाख रुपये, 25 से 45 वर्ष तक के लिए 5 लाख रुपये तथा 45 से 60 वर्ष तक के लिए 3 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
योजना का एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि यदि 25 से 45 वर्ष आयु वर्ग के पात्र मामले में परिवार में नाबालिग बेटी है, तो 5 लाख रुपये की सहायता में से 2.5 लाख रुपये उसकी 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक सावधि जमा (एफडी) के रूप में उसके नाम रखे जाएंगे। शेष राशि योजना के प्रावधानों के अनुसार जारी की जाएगी।
सरकार ने दावा दाखिल करने की समय-सीमा भी बढ़ा दी है। अब पात्र लाभार्थी मृत्यु या दिव्यांगता की घटना के 180 दिनों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा, योजना लागू होने की तिथि 1 अप्रैल, 2023 से अब तक के पात्र मामलों के लिए 90 दिन की एकमुश्त अतिरिक्त राहत भी प्रदान की गई है।
अधिसूचना के अनुसार, हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड तथा हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिक अपने संबंधित बोर्डों की योजनाओं के तहत सहायता पाने के पात्र रहेंगे। यदि उनका दावा संबंधित बोर्ड द्वारा अस्वीकार किया जाता है, तो पात्रता की शर्तें पूरी होने पर डीएवाईएएलयू- प्रथम योजना के तहत उस पर विचार किया जा सकेगा।
सरकार ने विलंब से दायर दावों के निस्तारण के लिए तीन-स्तरीय विलंब स्वीकृति व्यवस्था भी लागू की है। साथ ही, प्रत्येक जिले में उपायुक्त को शिकायत निवारण प्राधिकरण तथा जिला सांख्यिकी अधिकारी को योजना का नोडल अधिकारी बनाया गया है। योजना का क्रियान्वयन हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास (एचपीएसएन) द्वारा किया जाएगा।
