भोपाल: मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए लंबे समय से अटकी पड़ी पदोन्नति प्रक्रिया अब पटरी पर आने लगी है। राज्य सरकार द्वारा पदोन्नति नीति 2025 को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय ने भी प्रमोशन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय चरित्रावली (एसीआर) सात दिनों के भीतर तैयार करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षकों और अन्य पुलिस अधिकारियों से एक सप्ताह के भीतर अपने अधीनस्थ सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की एसीआर तैयार करने को कहा गया है। इस कवायद का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी योग्य कर्मचारी का प्रमोशन केवल एसीआर के अभाव में न रुकेमुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी इस प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए उच्चस्तरीय बैठक की और स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग 31 जुलाई तक विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक कर प्रमोशन प्रक्रिया पूरी कर लें।
उन्होंने कहा कि इस बार कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी, क्योंकि वर्षों से कर्मचारी पदोन्नति की राह देख रहे हैं।बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया के तहत जुलाई के अंत तक लगभग 50,000 कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिल सकता है। इन कर्मचारियों में पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासनिक सेवा, राजस्व और अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले नौ वर्षों से मध्य प्रदेश में कई कर्मचारी बिना प्रमोशन के ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जिससे उनमें भारी असंतोष था।
मोहन यादव सरकार ने इस बार साफ संकेत दिए हैं कि योग्य कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति देना सरकार की प्राथमिकता है। इससे कर्मचारियों में नया उत्साह और विश्वास जगेगा तथा प्रशासनिक कार्यों में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। आगामी दिनों में राज्यभर के सभी विभागों में तेजी से यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिससे हजारों कर्मचारियों को बहुप्रतीक्षित राहत मिलेगी।
