महापौर की मिली नई पहचान, खाते में कई उपलब्धियां, कुछ कार्य रह गए अधूरे…

इंदौर: शहर के महापौर एवं प्रथम नागरिक पुष्यमित्र भार्गव के कल कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने जा रहे है. भार्गव को उनके सौम्य स्वभाव के कारण जनता के बीच नई पहचान मिली है. उनके कार्यकाल की यह विशेषता देखने में यह आई कि भार्गव ने कभी जनता के साथ अभद्रता और विवादित बयान नहीं दिया. भाजपा की पार्टी लाइन का उन्होंने पूर्णतः पालन किया. यह बात अलग है कि वे बड़े नेताओं की आपसी खींचतान में कुछ काम नहीं कर सके. हां, मगर निगम को आधुनिक तकनीक और डिजिटलाइजेशन से जोड़ने का काम जरूर किया. इसके उलट उनके कार्यकाल में पानी ओर गंदे पानी की समस्या का संपूर्ण निराकरण नहीं हो पाया. दूसरा पार्टी के पार्षद ही गुटबाजी और भ्रष्टाचार में लिप्त होने से परिषद पर सवाल उठते रहे. कुछ घोटाले जो उनके कार्यकाल में नहीं होने के बावजूद उनकी जनता के सामने छवि को नुकसान पहुंचा है।.

महापौर पुष्यमित्र भार्गव कल अपने कार्यकाल के चार साल पूरे करने रहे है। जब वे महापौर चुने गए थे, तो पेशे से एडवोकेट होने यानि पढ़े लिखे नेता केजे छवि लेकर जनता के बीच पहुंचे थे. आज वे एक परिपम् नेता माने जा सकते है. यह बात अलग है कि भार्गव को अपने व्यक्तिगत पेशे से इस दौरान दूर होना पड़ा और शहर की जिम्मेदारी निभाने निकल पड़े. उनके महापौर कार्यकाल की सबसे बड़ी चुनौती यातायात जाम, सड़क, ड्रेनेज और स्टॉर्म वॉटर लाइन, पर्यावरण संरक्षण, सौर ऊर्जा और नदी सफाई अभियान था. उक्त कामों के बीच ही उन्होंने एक नया काम निगम का डिजिटलाइजेशन करने का लक्ष्य तय किया. आज शहर के 5 सद ज्यादा वार्डो में डिजिटल पते से घर बैठे मोबाइल से ही सभी टैक्स जमा करने की सुविधा दी. दूसरी ओर निगम के विभिन्न विभागों खासकर बावड़ा अनुज्ञा शाखा, स्थापना और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की डिजिटलाइजेशन करने का काम जारी है.
महापौर भार्गव शहर में गंदे पानी की समस्या का समाधान नहीं कर सके. वहीं ड्रेनेज सिस्टम को लेकर अभी भी शहर में जनता परेशान है. हां, यातायात जाम से थोड़ी निजात उन्होंने लेफ्ट टर्न चौड़े करके दिलाई है, करीब 30 से ज्यादा लेफ्ट टर्न चौड़े किए जा चुके हैं. वहीं शहर में मास्टर प्लान की सड़कों के साथ शहर के पुराने इलाकों को चौड़ा सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है. कुछ सड़कों की सौगात जल्द ही मिल जाएगी.

महापौर की सबसे बड़ी उपलब्धि अन्नपूर्णा थाने के सामने की सड़क बनाना और चंदन नगर धार रोड़ पर फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण की स्वीकृति है. इस सबसे बढ़कर चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड की शासन से नए सिरे से संशोधन कर सड़क का मंजूरी देना है, जो भविष्य में शहर की जीवन रेखा सड़क हो जाएगी. महापौर की छवि को सबसे ज्यादा नुकसान भागीरथपुरा में दूषित पानी से 36 मौतों होने से पहुंचा है. उक्त घटना के बाद महापौर भार्गव उबर नहीं पाएं. शहर में वाटर ऑडिट से नर्मदा का पानी साफ नहीं मिलने की शिकायतें बढ़ गई. हालांकि महापौर ने शहर में सौर ऊर्जा, ग्रीन बॉन्ड जैसे लंबे समय तक याद रखने वाले काम किए हैं. ग्रीन बॉन्ड से 60 मेगावाट का सोलर प्लांट लगाकर निगम का बिजली बिल सालाना 40 करोड़ से ज्यादा कम हो गया. वहीं राजस्व आय भी 1 हजार करोड़ पार करके जनता के बीच टैक्स जमा करने की जागरूकता बढ़ाने का काम किया है.

कार्यकाल की उपलब्धियां
– ग्रीन बॉन्ड से वित्तीय नवाचार कर जलूद में 60 मेगावाट का सोलर प्लांट लगाया.
– 10 वार्डो में डिजिटल पता और निगम दस्तावेजों का डिजिटलाइजेशन दोनों का काम चल रहा है.
– निगम के सभी टैक्स से राजस्व आय 1 करोड़ पर पहुंचाई.
– पर्यावरण संरक्षण के लिए पिछले साल 51 लाख और इस साल 21 लाख पौधे लगाए जा रहे हैं.
– शहर के सभी 85 वार्डों में संजीवनी क्लीनिक का निर्माण और 75 वार्डो में स्वस्थ सेवाएं शुरू.
– जल संरक्षण के लिए रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अभियान चलाया जा रहा है.
– देश में सफाई में नंबर वन का खिताब बरकरार रखते हुए ट्रिपल आर और बायो गैस प्लांट की क्षमता बढ़ाई.
– नर्मदा चौथा चरण की नींव रखी और 450 एमएलडी पानी ओर के लिए 16 सौ एमएलडी एवं बिजलपुर में पश्चिम क्षेत्र की टंकियों के लिए नए सम्पवेल का निर्माण कार्य चल रहा है.
– अमृत-2.0 योजना में के निगम सीमा में आए 29 गांव सहित शहर की कुछ कॉलोनियों में ड्रेनेज लाइन डालने का काम शुरू करवाया.
– नदी शुद्धिकरण अभियान में कान्ह-सरस्वती नदी के लिए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का काम लक्ष्मीबाई प्रतिमा, कबीटखेड़ी, कनाडिया, टिगरिया बादशाह और धनखेड़ी में निर्माण कार्य है.
– शहर में मास्टर प्लान की 23 सड़कों में से 18 का काम चल रहा है.
– वक्फ बोर्ड से धोबी घाट की जमीन निगम को दिलवाई और करीब 90 बीघा का लैंड बैंक बनाया.
– चिड़ियाघर में 14डी थिएटर, वर्चुअल जंगल सफारी बनाई गई.
– महू में नई आधुनिक गौशाला, जिसमें 10 हजार गायों रखने की व्यवस्था का काम अंतिम चरण में है.

कार्य जो अधूर रह गए
– गंदे पानी की समस्या से जनता को निजात नहीं दिला सके.
– नेहरू स्टेडियम को तोड़कर आधुनिक स्टेडियम नहीं बना सके.
– जल जमाव से शहर की जनता आज भी परेशान.
– बीआरटीएस तोड़ा लेकिन यातायात जाम बरकरार
– नगर निगम मुख्यालय भावसं आज भी अधूरा पड़ा है, उसका निर्माण पूरा नहीं हो सका.
– निगम की आर्थिक स्थिति में बदलाव नहीं, आज भी ठेकेदारों का करोड़ों बकाया.
– मास्टर प्लान की सड़कों का काम आज भी अधूरा पड़ा है, एक सड़क का काम पूरा नहीं हो सका.
– भ्रष्टाचार और पार्षदों की मनमानी पद पर रोक नहीं लगा सके.
– शहर का ड्रेनेज सिस्टम आधा अधूरा काम होने से समस्या बनी हुई है.
– शहर के कई क्षेत्रों में नर्मदा पानी टंकियों और लाइन आज भी नहीं पहुंची.
– खुदी सड़कें और गड्ढों का स्थाई समाधान नहीं किया.
– अन्य विभागों के साथ निगम अधिकारियों में सामंजस्य की कमी होने से शहर की जनता फ्लाई ओवर ब्रिज अधूरे निर्माण से रोज परेशान हो रही है.
– यातायात जाम और पुल पुलिया के चौड़ीकरण में आज भी लेट लतीफी चल रही है.
– 27 गांवों के लिए कोई जोनल प्लान नहीं बना सके.
– 550 से ज्यादा अवैध कॉलोनी आज भी नियमितीकरण के इंतजार में है.

Next Post

हरियाली के लिए ग्रीन एरिया का अतिक्रमण भी हटाएंगेः मंत्री विजयवर्गीय

Tue Aug 4 , 2026
इंदौर: नगर निगम ने आज उज्जैन रोड स्थित नरवल इंडस्टि्रयल एरिया में पौधारोपण किया। इस दौरान 51 सौ पौधे लगाए गए.आज नगर निगम ने शहर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत नरवल इंडस्ट्रीयल एरिया में 5100 पौधों का रोपण किया. नगर निगम द्वारा इस साल शहर में […]

You May Like