टोक्यो, 30 जुलाई (वार्ता) जापान के कुमामोटो प्रांत में आये शक्तिशाली भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। बचाव दल मलबे में दबे जीवित लोगों की तलाश के लिए अभी भी जी-जान से जुटे हैं। कुमामोटो प्रांत में मंगलवार को रिक्टर पैमाने पर 7.1 तीव्रता के भीषण भूकंप आने से भारी तबाही मच गयी। भूकंप के बाद भी 200 से अधिक झटके महसूस किये गये, जिसके कारण बचाव कार्य में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, काशिमा कस्बे के एक प्रमुख शॉपिंग मॉल में हुए विस्फोट से इमारत ढहने से कम से कम सात लोगों की मौत हुई, जबकि यात्सुशिरो शहर में निप्पॉन पेपर मिल में आठ अन्य लोगों की जान चली गई। 200 दुकानों वाले मॉल में भूकंप के करीब 80 मिनट बाद विस्फोट हुआ, जिससे दूसरी मंजिल का एक हिस्सा गिर गया। वहीं निप्पॉन पेपर मिल की चिमनी गिरने से कई कर्मचारी फंस गए थे। दोनों जगहों पर जांच और राहत कार्य जारी है।
जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने आपदा प्रतिक्रिया बैठक में कहा कि पुलिस, अग्निशमन विभाग, आत्मरक्षा बल और तटरक्षक बल राहत कार्य में लगातार जुटे हुए हैं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 9,450 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और 400 से अधिक राहत शिविर बनाए गए हैं। भूकंप के कारण इलाके में बिजली और पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। लगभग 13,520 घरों में बिजली नहीं है, जबकि 1,08,000 से अधिक परिवार पानी के संकट से जूझ रहे हैं। तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की आशंका के चलते अधिकारियों ने लोगों को डिहाइड्रेशन और लू से बचने की सलाह दी है। राहत शिविरों में पोर्टेबल एयर कंडीशनर भेजे जा रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि हिनागु फॉल्ट जोन में हुए इस बदलाव के कारण अगले एक सप्ताह तक क्षेत्र में और झटके आ सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार सुबह तक 256 झटके महसूस किए जा चुके हैं। प्रशासन प्रशांत महासागर में उठ रहे एक चक्रवाती तूफान पर भी नजर बनाए हुए है, जो अगले हफ्ते क्यूशू क्षेत्र में भारी बारिश और भूस्खलन का कारण बन सकता है।

