
जबलपुर। प्रदेशभर के स्वशासी कर्मचारियों ने यूनिक एम्प्लॉयी कोड सहित विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग की है। माँगें जल्द पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है। जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संघ के नेतृत्व में प्रदेशभर के स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर
सोमवार को नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के माध्यम से प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी सहित अजय दुबे, सुनील इशरानी, मंजू पटेल, रमेश उपाध्याय, साहिल सिद्दीकी, घनश्याम पटेल, संताराम सरावी, गोपाल नेमा सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
ये हैं कर्मचारियों की मांगें-
संघ ने ज्ञापन में प्रमुख रूप से प्रदेश के सभी स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों को शीघ्र यूनिक एम्प्लॉयी कोड जारी करने की मांग की है, जिससे सेवा पुस्तिका, वेतन, अवकाश, पदोन्नति, स्थानांतरण, पेंशन एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित हो सके। साथ ही संघ ने शासन द्वारा जारी आदेशों के अनुरूप 5 वर्ष एवं 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को समयमान वेतनमान एवं अन्य देय लाभ प्रदान करने, मृत्यु एवं सेवानिवृत्ति उपरांत ग्रेच्युटी का लाभ देने, आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत कार्यरत नोडल अधिकारियों एवं सुपरवाइजरों के रोटेशन संबंधी आदेशों का पालन करने तथा पात्र कर्मचारियों को लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने की भी मांग की है। इसके साथ ही कर्मचारियों की कमी को देखते हुए पैरा मेडिकल एवं बी.एम.एल.टी. के विद्यार्थियों को सेंट्रल लैब एवं ब्लड बैंक में प्रशिक्षण एवं कार्य से जोड़ने की आवश्यकता भी बताई गई।
इस तरह चलेगा आंदोलन
संघ ने स्पष्ट किया कि यदि कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। प्रस्तावित आंदोलन के अंतर्गत 12 अगस्त को दो घंटे का सांकेतिक धरना-प्रदर्शन, 14 अगस्त को अधिष्ठाता कार्यालय का घेराव, 18, 19 एवं 20 अगस्त को मुख्य द्वार पर दो-दो कर्मचारियों द्वारा सांकेतिक हड़ताल और 7 सितंबर से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन किया जाएगा।
