इंदौर: शहर में पेयजल व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों के बीच वार्ड 30 के सुंदर नगर में हालात चिंताजनक बने हुए हैं. क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है. जर्जर नर्मदा पाइपलाइन से कई घरों में दूषित पानी पहुंच रहा है, वहीं क्षतिग्रस्त पाइपलाइन और खराब सरकारी बोरवेल के कारण रहवासी पानी के लिए परेशान हैं. मजबूरी में कई परिवारों को प्रतिदिन करीब दो किलोमीटर दूर श्रीनगर कांकड़ क्षेत्र से पानी लाना पड़ रहा है.
क्षेत्र की पुरानी नर्मदा पाइपलाइन पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. सड़क निर्माण के दौरान जेसीबी से खुदाई में कई स्थानों पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे नियमित जलापूर्ति भी प्रभावित हो गई. नगर निगम की ओर से पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं, लेकिन वे पूरे क्षेत्र की आवश्यकता पूरी नहीं कर पा रहे हैं. दूसरी ओर, इलाके का सरकारी बोरवेल भी अक्सर महीनों तक खराब पड़ा रहता है, जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है. रहवासियों ने नगर निगम से क्षतिग्रस्त पाइपलाइन बदलने, अतिरिक्त बोरवेल की व्यवस्था करने और पेयजल संकट का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
इनका कहना है…
पूरे सुंदर नगर के रहवासी सरकारी पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं. पुरानी नर्मदा लाइन से दूषित पानी आता है, जो उपयोग योग्य नहीं है. नगर निगम को जल्द से जल्द पाइपलाइन बदलकर समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए.
– मोहन बकावले, रहवासी
पांच गलियों के लिए केवल एक सरकारी बोरवेल है. अधिक उपयोग के कारण वह बार बार खराब हो जाता है, जिससे पानी का संकट और बढ़ जाता है. क्षेत्र में कम से कम दो अतिरिक्त बोरवेल लगाए जाने चाहिए.
– मांगीलाल भालसे, रहवासी
सड़क निर्माण के दौरान नर्मदा की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी. उसका पानी अंदर ही अंदर रिसता है और आगे सप्लाई नहीं पहुंच पाती. समस्या दूर किए बिना ही सड़क बना दी गई, जिसका खामियाजा अब रहवासियों को भुगतना पड़ रहा है.
– जितेंद्र बकावले, रहवासी
