
नीमच। नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे सतत अभियान में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन), मध्य प्रदेश इकाई ने नीमच क्षेत्र में दो अलग-अलग खुफिया सूचना आधारित कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। दोनों मामलों में एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत कार्रवाई की गई है। वहीं तस्करी नेटवर्क से जुड़े आरोपियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।
कार से 103.220 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद
सीबीएन नीमच तृतीय खंड के अधिकारियों को 1 अगस्त 2026 को मिली विशेष सूचना के आधार पर चिताखेड़ा-नीमच मार्ग पर ग्राम कराडिय़ा महाराज के समीप कार्रवाई की गई।सूचना के अनुसार एक सफेद रंग की हुंडई वर्ना कार से अवैध डोडाचूरा हिंगोरिया गांव की ओर ले जाया जा रहा था। अधिकारियों द्वारा वाहन रोकने का प्रयास करने पर चालक ने कार की गति बढ़ा दी और कुछ दूरी बाद चलती कार से कूदकर खेतों की ओर भाग गया। चालक रहित कार सडक़ किनारे मलबे से टकराकर रुक गई। सीबीएन अधिकारियों ने आरोपी का पीछा किया, लेकिन कम दृश्यता और घनी वनस्पति का फायदा उठाकर वह फरार हो गया। वाहन की तलाशी लेने पर पांच प्लास्टिक की बोरियों में कुल 103.220 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद किया गया। आवश्यक कार्रवाई के बाद डोडाचूरा एवं हुंडई वर्ना कार को एनडीपीएस अधिनियम के तहत जब्त कर लिया गया।
हरनावदा के निकट 993.320 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त
31 जुलाई 2026 को मिली सूचना के आधार पर सीबीएन नीमच मुख्यालय, डीओओ नीमच द्वितीय खंड एवं मंदसौर तृतीय खंड की संयुक्त टीम ने ग्राम हरनावदा, जिला नीमच के समीप कार्रवाई की।
सूचना मिली थी कि क्षेत्र में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह द्वारा एक स्थान को अवैध मादक पदार्थ की लोडिंग के लिए उपयोग किया जा रहा है। टीम मौके पर पहुंची तो वहां एक बोलेरो पिकअप वाहन, एक मोटरसाइकिल और कुछ संदिग्ध व्यक्ति मौजूद मिले।
सीबीएन टीम को देखकर संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल छोडक़र मौके से भाग गए। अधिकारियों ने पीछा किया, लेकिन दुर्गम क्षेत्र और प्राकृतिक परिस्थितियों का लाभ उठाकर आरोपी फरार हो गए। परिस्थितियों को देखते हुए बोलेरो पिकअप वाहन को ट्रैक्टर की सहायता से सीबीएन कार्यालय नीमच लाया गया, जहां विस्तृत तलाशी में वाहन से 993.320 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद हुआ।
मामले में डोडाचूरा के साथ बोलेरो पिकअप वाहन एवं मोटरसाइकिल को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत जब्त कर लिया गया है। सीबीएन की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उक्त स्थान का उपयोग सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह द्वारा लोडिंग प्वाइंट के रूप में किया जा रहा था। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तथा तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए विस्तृत जांच जारी है।
