ब्यावरा: स्थानीय अजनार नदी के प्रति घोर अनदेखी के कारण आज नदी का पानी काफी दूषित होकर जल जन्तुुओं के लिए जानलेवा बन गया है, नदी में मौजूद मछलियां एवं अन्य जल जन्तु दम तोड़ रहे है. नदी के पानी में काई छाने के साथ ही काफी काला पानी हो गया है.गौरतलब है कि नगर की अजनार नदी के प्रति बरती जा रही घोर अनदेखी ने नदी के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा कर दिया है. वर्तमान में नदी की दुर्दशा देख हर कोई स्तब्ध रह जाता है.
प्रदूषित और थमे पानी में जमा हो गई काई
अजनार नदी का पानी पूरी तरह थमा होकर काफी प्रदूषित होने के कारण समूचे पानी पर काई छा गई है, दूर से नदी किसी हरे मैदान की तरह नजर आती है, नदी का स्वरुप देख इसकी बदहाली का अंदाजा लगाया जा सकता है.
नदी में न के बराबर रह गई मछलियां
पर्व पर दान पुण्य का बड़ा ही महत्व रहता है, नागरिक नदी पर मछलियों को दाना डालने पहुंचते है, विगत दिवस मकर सक्रांति पर जब लोग अजनार नदी पर मछलियों को दाना डालने पहुंचे तो वहां मछलियां नदारद मिली. कहीं कोई मछली ही नदी में नजर आ रही है, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नदी का पानी किस हद तक प्रदूषित हो चुका है कि मछलियां एवं अन्य जल जन्तु दम तोडऩे लगे है.
आधा दर्जन नालों का पानी मिलता नदी में
एक बड़ी विडम्बना यह है कि स्थानीय अजनार नदी में नगर के छोटे-बड़े करीब आधा दर्जन नालों की निकासी नदी में ही जाकर मिलती है, सीधे तौर पर नालों का गंदा पानी नदी में मिलता है. ऐसे में नदी की स्वच्छता कैसे बरकरार रह पाएगी. जितनी दुर्दशा स्थानीय अजनार नदी की हो रही है उतनी दुर्दशा अन्य किसी जगह नदियों की नहीं देखने को मिलेगी.
जनवरी माह में स्वच्छ दिखाई देता था नदी का पानी
प्राय: जनवरी माह में अजनार नदी का पानी काफी साफ स्वच्छ नजर आता था. किंतु इस बार जनवरी माह में ही नदी का पानी इतना अधिक प्रदूषित दिखाई दे रहा है. नदी में कलकल बहते पानी की कल्पना करना तो दूर पानी इतना अधिक दूषित हो रहा है कि इससे दुर्गंध आने लगी है
