भोपाल, 21 मार्च (वार्ता) मध्यप्रदेश विधानसभा में आज कांग्रेस के एक विधायक ने अपने परिवार की सुरक्षा का मामला उठाते हुए पुलिस पर कई आरोप लगाए, जिसका जवाब देते हुए राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल सदन में भावुक हो गए, जिस पर अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने उन्हें धैर्य से जवाब देने के निर्देश दिए।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने अपने विधानसभा क्षेत्र सेमरिया के एक थाना प्रभारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बेटे को फर्जी मुकदमे में फंसाए जाने का डर है और इसलिए विदेश में रहने वाला उनका बेटा दो साल से त्योहारों पर भी घर नहीं आ रहा। विधायक इस पर बेहद भावुक हो गए। श्री मिश्रा ने यहां तक कह दिया कि क्या उनका बेटा फर्जी मुकदमे के डर से आत्महत्या कर ले।
इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस के कई विधायकों ने उनका समर्थन किया और राज्य में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए।
कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले कांग्रेस के एक और विधायक नारायण पट्टा के साथ भी ऐसा हो चुका है। विधायकों ने कहा कि लोगों पर फर्जी मुकदमे थोपे जा रहे हैं।
इसी बीच राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल भावुक हो गए और कहा कि यदि परिवार से जुड़ा विषय हो तो दूसरे रास्ते हो सकते हैं। श्री पटेल को भावुक होता देख अध्यक्ष श्री तोमर ने उनसे कहा कि वे भावुक ना हों और धैर्य से जवाब दें। इसके बाद श्री पटेल ने थाना प्रभारी को निलंबित करने और जांच कराने के निर्देश दिए।
दरअसल कुछ समय पहले श्री पटेल के स्वयं के बेटे अभिज्ञान की पुलिस के साथ कथित तौर पर झड़प हो गई थी। एक सड़क हादसे से जुड़े इस मामले में अभिज्ञान ने आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की है। उन्होंने इसका एक वीडियो भी वायरल किया था। ये मामला लगभग एक साल पुराना है, लेकिन आज मंत्री के विधानसभा में इस रुख के बाद ये मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है।
