
इंदौर. चर्चित जावेद मंसूरी हत्याकांड में अदालत ने पत्नी रुखसाना, उसके प्रेमी सद्दाम हुसैन और सहयोगी शाकिर खान को हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया है. मामले में पेश मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन, होटल के सीसीटीवी फुटेज, डीएनए रिपोर्ट और शव बरामदगी जैसे वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य फैसले का अहम आधार बने.
मामले की शुरुआत जावेद मंसूरी की गुमशुदगी से हुई थी. 21 अप्रैल 2023 को जावेद घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा. अगले दिन पत्नी रुखसाना ने चंदन नगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी. सुनवाई के दौरान अभियोजन ने बताया कि जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर जावेद की हत्या की साजिश रचे जाने की बात सामने आई. अभियोजन के अनुसार, जावेद के लापता होने वाले दिन रुखसाना और सद्दाम होटल में ठहरे थे. होटल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन सहित अन्य साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत किए. अभियोजन के मुताबिक, सद्दाम की निशानदेही पर जावेद का शव बरामद किया था. इसके बाद डीएनए रिपोर्ट, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, होटल रिकॉर्ड और मोबाइल डेटा जैसे साक्ष्यों को अदालत के समक्ष रखा गया. कोर्ट ने अपने फैसले में माना कि पेश किए परिस्थितिजन्य और वैज्ञानिक साक्ष्यों की कड़ी से आरोपियों की भूमिका साबित होती है. अदालत ने रुखसाना और सद्दाम के संबंधों को हत्या की वजह मानते हुए तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया. सद्दाम हुसैन और शाकिर खान को साक्ष्य मिटाने का भी दोषी माना गया.
