
देवसर । माड़ी जलाशय की शासकीय सिंचाई नहर को क्षतिग्रस्त करने के आरोप में ग्राम पंचायत हर्राचंदेल के सरपंच और सचिव के खिलाफ जियावन थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
जल संसाधन विभाग की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस एवं सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। कार्रवाई के बाद पंचायत क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार मामला माड़ी जलाशय की शाखा नहर क्रमांक-2 का है, जिसका निर्माण वर्ष 1978-79 में हुआ था और वर्तमान में इससे सिंचाई की जा रही है। आरोप है कि ग्राम पंचायत ने सड़क निर्माण के दौरान नहर में मिट्टी भरवा दी, जिससे उसका मूल स्वरूप बदल गया और सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति उत्पन्न हो गई। विभाग के उपयंत्री सतेंद्र कुमार बैस एवं रमेश कुमार साहू ने अनुविभागीय अधिकारी रत्ना द्विवेदी के निर्देश पर जियावन थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि ग्राम पंचायत को 17 फरवरी 2025 को निर्धारित शर्तों के साथ एनओसी दी गई थी, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान शर्तों का पालन नहीं किया गया। विभाग ने 22 जून को निर्माण रोकने और नहर को पूर्व स्थिति में बहाल करने का नोटिस जारी किया। 23 जून को स्थल पंचनामा तैयार किया गया तथा 25 जून को एनओसी निरस्त कर दी गई। इसके बावजूद जेसीबी मशीन से निर्माण जारी रखने और नहर को और क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए एनओसी, नोटिस, पंचनामा और अन्य दस्तावेजों के आधार पर बीएनएस की धारा 324(3), 3(5) तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
