महू: शहर की लगातार बिगड़ती यातायात व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश पनप रहा है. छावनी परिषद और स्थानीय पुलिस प्रशासन की उदासीन कार्यप्रणाली के कारण शहर की सड़कों पर रोजाना घंटों लंबा जाम लगना अब आम बात हो चुकी है। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी से नाराज नागरिकों ने अब प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शहर की संकरी सड़कों पर भारी संख्या में फोर-व्हीलर, लोडिंग गाड़ियां और ट्रैक्टर बिना किसी रोक-टोक के प्रवेश कर रहे हैं. व्यस्त समय में इन भारी वाहनों की मौजूदगी के कारण पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों का सड़कों से गुजरना दूभर हो गया है. नागरिकों का कहना है कि मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता न के बराबर है, जिससे वाहन चालक नियमों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं.
बरसों पुराने बैरिकेड्स हुए क्षतिग्रस्त
मिली जानकारी के अनुसार, शहर के प्रमुख एंट्री पॉइंट्स जैसे अग्रसेन चौराहा, पुरानी कोतवाली थाना क्षेत्र, कनाट रोड और हीरा तारा बिल्डिंग के पास भारी वाहनों को रोकने के लिए वर्षों पहले बैरिकेड्स लगाए गए थे। रखरखाव के अभाव में ये सभी बैरिकेड्स अब पूरी तरह टूट चुके हैं। इनकी मरम्मत या दोबारा स्थापना न होने का फायदा उठाकर भारी वाहन आसानी से शहर के रिहायशी और व्यापारिक इलाकों में घुस रहे हैं.
जनता की मांगः तुरंत सुधारे जाएं बैरिकेड्स
शहरवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन के पास फिलहाल किसी बड़े बाईपास या स्थाई समाधान की योजना नहीं है, तो कम से कम अस्थाई कदम उठाए जाएं. क्षतिग्रस्त बैरिकेडों को तुरंत दुरुस्त कर नो-एंट्री के नियमों को सख्ती से लागू किया जाए. इससे शहर के आंतरिक ट्रैफिक को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है. नागरिकों ने शासन, पुलिस महकमे और छावनी परिषद से मांग की है कि महू की गरिमा और आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही ठोस कदम उठाए जाएं, अन्यथा जनता उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगी
