गुरु पूर्णिमा पर 56 वर्षों बाद अनोखा संयोग

सतना : गुरु के प्रति अगाध श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता प्रकट करने का पावन पर्व ‘गुरु पूर्णिमा’ इस वर्ष 29 जुलाई को पूरे जिले में भक्तिभाव व उल्लास के साथ मनाया जाएगा. ज्योतिष गणना के अनुसार, इस बार गुरु पूर्णिमा पर 56 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कई अत्यंत शुभ व दुर्लभ ग्रह योगों का
महासंयोग बन रहा है, जिससे इस पर्व का आध्यात्मिक व धार्मिक महत्व कई गुना बढ़ गया है.
उदयातिथि के आधार पर 29 जुलाई को मनाया जाएगा मुख्य पर्व.सनातन परंपरा में उदयातिथि की मान्यता के कारण गुरु पूर्णिमा का मुख्य पर्व व पूजन 29 जुलाई को ही संपन्न होगा.ज्योतिषाचार्यों के अनुसार गुरु पूजन, सत्यनारायण कथा, मंत्र जाप एवं दीक्षा के लिए सुबह 5:41 बजे से 9:47 बजे तक का समय सर्वश्रेष्ठ रहेगा.

मान्यता है कि इस शुभ मुहूर्त में गुरु वंदना करने से ज्ञान, समृद्धि और आध्यात्मिक सफलता की प्राप्ति होती है.ज्योतिषविदों का कहना है कि इस बार सूर्य और बुध की युति से ‘बुधादित्य राजयोग’ का निर्माण हो रहा है. इसके साथ ही ‘शश’ और ‘हंस’ जैसे शक्तिशाली राजयोग भी इस दिन प्रभावी रहेंगे. लगभग 56 साल बाद एक साथ बन रहे इन दुर्लभ योगों के प्रभाव से श्रद्धालुओं को करियर, शिक्षा, मान-सम्मान और बौद्धिक क्षेत्र में विशेष सफलता मिलेगी.

आश्रमों और मंदिरों में आस्था का उमड़ेगा सैलाब

महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में मनाए जाने वाले इस पर्व (व्यास पूर्णिमा) पर जिले के प्रमुख धार्मिक केंद्रों चित्रकूट, मैहर, धारकुंडी, बिरसिंहपुर, खजुरीताल और सतना स्थित डालीबाबा आश्रम में भव्य कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है. इस दौरान गुरु वंदना, भजन-कीर्तन, सत्संग और विशाल भंडारों का आयोजन होगा. श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समितियों और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. चित्रकूट के सती अनुसुइया आश्रम, तुलसीपीठ और निर्मोही अखाड़ा में विशेष मेले, भजन-कीर्तन, सत्संग और विशाल भंडारों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए मंदिर समितियों और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व यातायात व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है

Next Post

स्विट्जरलैंड के एम्बोलो को रेड कार्ड देने की वीएआर प्रक्रिया गलत थी: आईएफएबी

Wed Jul 29 , 2026
ज्यूरिख, (स्विट्जरलैंड) 29 जुलाई (वार्ता) अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संघ बोर्ड (आईएफएबी) ने कहा कि स्विट्जरलैंड के फॉरवर्ड ब्रील एम्बोलो को अर्जेंटीना के खिलाफ विश्व कप क्वार्टर फाइनल में रेड कार्ड की प्रक्रिया गलत थी। आईएफबीए की ओर से जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि हाल […]

You May Like