जबलपुर: घमापुर फ्लाईओवर के निर्माण को लेकर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने पुलिस अधीक्षक संपत्त उपाध्याय से विस्तृत चर्चा की। लंबे समय से अटके इस प्रोजेक्ट को जल्द शुरू कराने की मांग की पुलिस अधीक्षक ने माना कि इस मार्ग पर यातायात को सुचारू करने के लिए: पुलिस प्रशासन इस मामले की पूरी गंभीरता और जानकारी के साथ शासन को तत्काल पत्र भेजेगा।
मंच के डॉ. पी.जी. नाजपांडे के अनुसार, तहसील चौक से रद्दी चौकी तक बनने वाला यह फ्लाईओवर पिछले 8 वर्षों से फाइलों में दबा हुआ है। शुरुआत में वर्ष 2019 में इसे ?269 करोड़ की लागत से बनाने की मंजूरी मिली थी, लेकिन काम शून्य रहा। इसके बाद वर्ष 2024 में रेलवे पुल नंबर 2 से लेकर कैप्टन हमीद चौक (रद्दी चौकी) तक 6 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का नया प्रस्ताव बना। इस नए 6 किमी लंबे कॉरिडोर की अनुमानित लागत बढक़र 800 करोड़ आंकी गई है, लेकिन धरातल पर अभी भी काम शुरू नहीं हो सका है।
अधारताल से शहर की तरफ आने वाले नागरिकों के लिए घमापुर और गोहलपुर ही मुख्य मार्ग हैं। वर्तमान में गोहलपुर पुलिया की चौड़ाई बढ़ाने का काम शुरू होने से वहां भी भयंकर जाम लगने लगा है, जिससे दोनों ही रास्ते पूरी तरह ब्लॉक नजर आ रहे हैं। इस चर्चा के दौरान रजत भार्गव, संतोष श्रीवास्तव, डी.के. सिंह, सुभाष चन्द्रा, एड. वेदप्रकाश अहिरवार, सुशील कनौजिया, मनीष शर्मा, गीता पाण्डे, पी.एस. राजपूत, यशवंत कोष्टा और एड. ब्रजेश साहू सहित शहर के कई प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
