
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि राज्य की सरकार गुणवत्तापूर्ण प्रशासन और जनहित के प्रति प्रतिबद्ध नहीं दिख रही है। उन्होंने हाल की विभागीय समीक्षा बैठकों की आलोचना करते हुए कहा कि एक घंटे में कई महत्वपूर्ण विभागों की समीक्षा करना केवल औपचारिकता है, न कि गंभीर मूल्यांकन।
पटवारी ने यह भी दावा किया कि आम नागरिकों के साथ-साथ सत्तारूढ़ भाजपा के कार्यकर्ताओं को भी मंत्रियों से मिलने में कठिनाई हो रही है, जिससे स्पष्ट होता है कि सरकार की प्राथमिकताओं में जनता की समस्याएं शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा, “यह स्थिति बताती है कि सरकार का ध्यान जनता और उनके मुद्दों से हट चुका है।”
हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए पटवारी ने इंदौर के भागीरथपुरा प्रकरण, भोपाल के एक स्लॉटर हाउस में कथित रूप से गोमांस मिलने, छिंदवाड़ा में कफ सिरप विवाद और बरगी में हुए क्रूज हादसे पर सरकार के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये घटनाएं प्रशासनिक लापरवाही और जन सुरक्षा के प्रति गंभीरता की कमी को दर्शाती हैं।
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री से शिक्षा, जल संसाधन, कृषि, तकनीकी शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख विभागों में भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही हालिया लापरवाही के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की।
पटवारी ने कहा कि प्रदेश की जनता पारदर्शिता और जवाबदेही चाहती है, इसलिए सरकार को जनहित को सर्वोपरि रखते हुए अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए और जनता का विश्वास पुनः स्थापित करना चाहिए।
