सिंगरौली: जिला मुख्यालय बैढ़न का अंतरराज्यीय बस स्टैंड आज भी अव्यवस्था, जलभराव और बदहाल व्यवस्थाओं की पहचान बना हुआ है। मध्यप्रदेश के साथ उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और झारखंड को जोड़ने वाले इस प्रमुख बस स्टैंड की स्थिति विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। बारिश के बाद जगह-जगह बने गड्ढों में भरा पानी, टूटी सड़कें, अव्यवस्थित पार्किंग, अतिक्रमण और जाम जैसी स्थिति से प्रतिदिन हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बस स्टैंड परिसर में ऑटो, हाथ ठेले और अन्य वाहन मनमाने ढंग से खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रहती है। शाम ढलते ही पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से परिसर में असुरक्षा का माहौल बन जाता है। खासकर महिला यात्रियों और परिवारों को भारी असुविधा होती है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम, परिवहन विभाग और यातायात व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदार विभाग समस्या से अवगत होने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाल पाए हैं।
बीते सोमवार को जिले की प्रभारी मंत्री सम्पतिया उइके का दो दिवसीय दौरा संपन्न हुआ। समीक्षा बैठक में उन्होंने नगर निगम आयुक्त सहित संबंधित अधिकारियों को शहर की प्रमुख समस्याओं का समाधान 15 दिन के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और समयसीमा भी तय की। ऐसे में अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस अवधि में अंतरराज्यीय बस स्टैंड की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
हालांकि शहरवासियों के बीच इसको लेकर संशय भी बना हुआ है। लोगों का कहना है कि चार माह पूर्व प्रभारी मंत्री ने सिंगरौली प्रवास के दौरान सीवरेज पाइपलाइन का कार्य एक माह में पूरा कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन आज भी कई स्थानों पर काम अधूरा है। ऐसे में बस स्टैंड की बदहाली दूर करने के नए निर्देशों का कितना पालन होगा, यह आने वाले दिनों में ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल यात्रियों और नागरिकों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई और तय समयसीमा पर टिकी हुई हैं।
