दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग का नागदा-गोधरा खंड पूरी तरह ‘कवच’ प्रणाली से लैस

इंदौर: भारतीय रेल ने यात्री सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल का दिल्ली-मुंबई उच्च घनत्व रेल मार्ग स्थित नागदा–गोधरा रेलखंड अब पूरी तरह स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) प्रणाली ‘कवच’ से सुसज्जित हो गया है.

20 जुलाई 2026 को पंचपिपलिया–मंगल महुडी रेलखंड के लगभग 78 रूट किलोमीटर पर प्रणाली की सफल कमीशनिंग के साथ ही इस पूरे 302 रूट किलोमीटर लंबे खंड पर ‘कवच’ प्रणाली प्रभावी रूप से कार्यशील हो गई है. रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इससे पहले 30 मार्च 2026 को नागदा–गोधरा रेलखंड के प्रथम चरण में 224 रूट किलोमीटर पर ‘कवच’ प्रणाली लागू की गई थी.

शेष 78 रूट किलोमीटर पर सफल क्रियान्वयन के बाद अब दिल्ली–मुंबई रेल मार्ग पर रतलाम मंडल का संपूर्ण नागदा-गोधरा खंड इस अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीक के दायरे में आ गया है. रेल अधिकारियों के अनुसार ‘कवच’ प्रणाली के पूर्ण क्रियान्वयन से ट्रेनों का संचालन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, आधुनिक और तकनीक आधारित होगा. यह प्रणाली ट्रेन टक्कर जैसी दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और भारतीय रेल के ‘शून्य दुर्घटना’ लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. साथ ही यह पश्चिम रेलवे द्वारा आधुनिक सुरक्षा तकनीकों के प्रभावी उपयोग का भी उत्कृष्ट उदाहरण है.

सफलता टीम वर्क का परिणाम
इस उपलब्धि पर मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि देश के सबसे व्यस्त और उच्च घनत्व वाले रेल मार्गों में शामिल दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर पर ‘कवच’ प्रणाली का पूर्ण कार्यान्वयन रतलाम मंडल के लिए गौरव का विषय है. उन्होंने कहा कि यह सफलता विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क का परिणाम है. उन्होंने विश्वास जताया कि रतलाम मंडल भविष्य में भी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से सुरक्षित, विश्वसनीय और दक्ष रेल संचालन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा.

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