उज्जैन: लंबे समय से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही प्राचीन इमारत अब एक बार फिर सुर्खियों में है, शहर के हृदय स्थल टावर चौक स्थित ऐतिहासिक ग्रांड होटल जो वीरान पड़ी थी उसमे एक बार फिर रौनक लौटने की तैयारी शुरू हो गई है. वर्षों से नगर निगम के उपयोग में रहा यह भवन अब मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम को सौंप दिया गया है. सिंहस्थ-2028 से पहले इसे हेरिटेज होटल के रूप में विकसित कर पर्यटकों के लिए खोला जाएगा. भवन के हस्तांतरण के साथ ही मरम्मत और जीर्णोद्धार का काम भी शुरू हो गया है.
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह के निर्देश पर करीब 2.60 हेक्टेयर भूमि पर्यटन विकास निगम को हस्तांतरित की गई. नगर निगम परिषद की स्वीकृति मिलने के बाद नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया. इसके बाद निगम के कर्मचारियों ने कार्यालय खाली कर अपना सामान हटा लिया और भवन का विधिवत कब्जा पर्यटन विकास निगम को सौंप दिया गया.
कामकाज खत्म, रिनोवेशन शुरू
पर्यटन विकास निगम के अधिकारी राजकुमार रघुवंशी ने बताया कि ग्रांड होटल के रेनोवेशन का कार्य प्रारंभ हो चुका है. पुराने और अनुपयोगी सामान को हटाया जा रहा है तथा मरम्मत और रंग-रोगन का काम शुरू कर दिया गया है. नगर निगम द्वारा जो कार्य होता था वह खत्म कर दिया गया है, लक्ष्य है कि सिंहस्थ-2028 से पहले होटल पूरी तरह तैयार होकर पर्यटकों की सेवा में उपलब्ध हो जाए.
8 करोड़ से होगा कायाकल्प
करीब 8 करोड़ 60 लाख 17 हजार रुपये की लागत से होटल का व्यापक जीर्णोद्धार किया जाएगा. लॉन, सभी अतिथि कक्ष, किचन और अन्य सुविधाओं को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा, लेकिन भवन की मूल हेरिटेज पहचान और ब्रिटिशकालीन स्थापत्य शैली को यथावत सुरक्षित रखा जाएगा. इसी कारण मरम्मत का कार्य भी पारंपरिक शैली और तकनीक के अनुरूप किया जाएगा. बाकी की राशि दूसरे कार्यों में खर्च होगी.
होटल में 12 कमरे
ग्रांड होटल में कुल 12 कमरे हैं, जिनमें छह भूतल और छह प्रथम मंजिल पर स्थित हैं. इसके अलावा विशाल लॉन और किचन की सुविधा उपलब्ध है. होटल का लॉन एक साथ लगभग एक हजार लोगों के आयोजन की क्षमता रखता है. पर्यटन विकास निगम इसे महाकाल मंदिर क्षेत्र स्थित सम्राट विक्रमादित्य हेरिटेज होटल की तर्ज पर संचालित करेगा. हेरिटेज श्रेणी का होटल होने के कारण यहां ठहरने का किराया सामान्य होटलों की तुलना में अधिक रहने की संभावना है.
अब पर्यटन के पांच होटल
महाकाल महालोक के विकसित होने के बाद उज्जैन में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसी बढ़ती मांग को देखते हुए इस परियोजना को गति दी गई है. ग्रांड होटल शुरू होने के बाद पर्यटन विकास निगम के उज्जैन में पांच होटल हो जाएंगे. वर्तमान में अवंतिका, उज्जैनी और शिप्रा रेसिडेंसी सहित निगम के अन्य आवासीय परिसर अधिकांश समय पूर्ण क्षमता के साथ संचालित होते हैं. ऐसे में ग्रांड होटल के शुरू होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक और उच्चस्तरीय हेरिटेज आवास सुविधा उपलब्ध होगी
