
राजगढ़। खुजनेर रोड पर जिले के ग्राम बरखेड़ा में शनिवार को पानी की समस्या को लेेकर ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया. करीब एक घंटे तक चक्काजाम से आवागन बाधित रहा.
जानकारी के अनुसार ग्राम बरखेड़ा में लगभग 150 ग्रामीणों द्वारा पानी की आ रही परेशानी को लेकर शनिवार प्रात: 11.30 बजे चक्काजाम कर दिया गया. इससे राजगढ़-खुजनेर मार्ग पर वाहनों की कतार लग गई. मौके पर पहुंचे एसडीओपी, तहसीलदार राजगढ़ द्वारा समझाईश के बाद चक्काजाम समाप्त किया गया. एक घंटे से अधिक समय तक चक्काजाम रहा.
यात्री वाहन फंसे जाम में
जाम के दौरान राजगढ़-खुजनेर मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लम्बी कतारें लग गई. जाम के कारण करीब एक घंटे तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा और मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई. अनेक यात्री, स्कूल वाहन जाम में फंसे रहे. कई ऐसे यात्री भी जाम में फंस गये जिनको आवश्यक रुप से अपने गंतव्य पर पहुंचना था. जरुरी कामकाज से आने-जाने वालों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा.
बकाया राशि जमा नहीं होने पर बंद की सप्लाई
24 घंटे जलापूर्ति योजना से जुड़ा होना बताया जाता है, ग्राम बरखेड़ा उन 17 गांवों में शामिल है, जहां योजना के तहत प्रति परिवार 100 रुपये मासिक शुल्क निर्धारित है. पूर्व में यह राशि एक समिति के माध्यम से वसूल की जाती थी, जिसे बाद में ग्राम पंचायत के अधीन कर दिया गया. काफी समय से बकाया राशि जमा नहीं होने पर पंचायत द्वारा नल कनेक्शन बंद किए जाने से ग्रामीण नाराज हो उठे और सडक़ पर चक्काजाम कर दिया.
बिना सूचना के सप्लाई बंद कर दी
ग्रामीणों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के नल कनेक्शन बंद कर दिए गए, जिससे पूरे गांव की जलापूर्ति प्रभावित हुई. पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि नियमानुसार केवल बकाया राशि जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की ही सप्लाई रोकी गई है.
नायब तहसीलदार कमल सौलंकी और एसडीओपी अरविंद सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान निकाला जाएगा. समझाईश के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया. ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि गरीब और मजदूर वर्ग नियमित बिल जमा कर रहे है, जबकि कुछ लोग महीनों से राशि नहीं दे रहे हैं, बावजूद समान रुप से कार्रवाई की गई.
बकाया जमा करने लगेगा केम्प
पंचायत भवन में प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की संयुक्त बैठक हुई, जिसमें सोमवार को बकाया बिल जमा कराने के लिए विशेष कैम्प लगाने का निर्णय लिया गया. ग्रामीणों ने भी इसमें सहयोग का भरोसा दिलाया. नायब तहसीलदार के अनुसार बरखेड़ा गांव में पिछले चार वर्षों से 24 घंटे जलापूर्ति की जा रही है, लेकिन कई उपभोक्ताओं द्वारा मासिक शुल्क जमा नहीं किया गया. जल जीवन मिशन के तहत वसूली की जिम्मेदारी पंचायत को दी गई है और आगे प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाएगा.
