जयपुर 27 जुलाई (वार्ता) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय विभिन्न विभागों में समाजों, संस्थाओं एवं जनकल्याणकारी प्रयोजनों के लिए किए गए 300 से अधिक भूमि आवंटन रद्द कर देने का आरोप लगाया हैं। श्री गहलोत ने सोमवार को अपने बयान में यह आरोप लगाते हुए कहा कि इनमें से अधिकांश संस्थाओं द्वारा अमानत राशि जमा कराने के बावजूद उनके आवंटन निरस्त कर दिये गये। उन्होंने कहा कि ये आवंटन किसी पार्टी के नहीं बल्कि गांव-ढाणी से पढ़ने आने वाले बच्चों के हॉस्टल, सामाजिक संस्थाओं एवं जनसुविधाओं के लिए थे। इन्हें रद्द करना समाजों का अपमान एवं युवाओं के भविष्य पर कुठाराघात है। इससे समाजों में भयंकर आक्रोश है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जबकि इसी सरकार के पास भाजपा के नए प्रदेश मुख्यालय एवं जिला कार्यालयों के लिए जमीनों की कोई कमी नहीं है और वहां आवंटन की फाइलें दिन-रात दौड़ रही हैं। श्री गहलोत ने कहा कि क्या राजस्थान की जमीन सिर्फ भाजपा के दफ्तरों के लिए है, पिछड़े समाजों, हमारे बच्चों के लिए नहीं है। क्या इन जेन-जी बच्चों को भाजपा गंभीरता से नहीं लेती है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सरकार श्वेत पत्र जारी कर बताए कि किन-किन आवंटनों को, किस आधार पर रद्द किया गया। बदले की भावना से किए गए ये सभी निर्णय तुरंत वापस लिए जाएं और सभी आवंटन पुन: बहाल किया जाना चाहिए।

