
इंदौर। तलावली चांदा स्थित दूध संघ मुख्यालय पर गुरुवार को मालवा क्षेत्र के पांच जिलों से पहुंचे दूध उत्पादक किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया. किसानों ने दूध के दाम बढ़ाने और बोनस देने की मांग करते हुए प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा.
किसान नेता हंसराज मंडलोई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि इंदौर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और देवास जिलों के बड़ी संख्या में किसान दोपहर की गर्मी में तलावली चांदा स्थित इंदौर दूध संघ मुख्यालय पर एकत्र हुए. प्रदर्शन का नेतृत्व दूध संघ इंदौर के पूर्व अध्यक्ष मोती सिंह पटेल ने किया. धरने के दौरान किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की नीतियों से मालवा क्षेत्र के दूध उत्पादक किसानों को नुकसान हो रहा है. उनका कहना था कि इंदौर दूध संघ वर्तमान में करीब 200 करोड़ रुपये के मुनाफे में चल रहा है, इसके बावजूद इसे नेशनल डेयरी को सौंपने की प्रक्रिया किसानों के हितों के खिलाफ है. किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव केंद्र में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के प्रयास में मालवा क्षेत्र के किसानों की उपेक्षा कर रहे हैं. किसानों ने मांग की कि प्रदेश सरकार दूध पर प्रति फैट 10 रुपये और प्रति लीटर 8 रुपये बोनस की घोषणा करे, ताकि बढ़ती लागत के बीच किसानों को राहत मिल सके. धरने को किसान नेता उमराव सिंह मौर्य, विक्रम मुकाती, विश्वजीत चौहान, प्रेम नारायण काका (देवास) और गगन सिंह पटेल सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया. नेताओं ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि सरकार किसानों के हितों की अनदेखी बंद करे, अन्यथा मालवा क्षेत्र का किसान आंदोलन तेज करने को मजबूर होगा. प्रदर्शन में शिप्रा क्षेत्र के बरलाई जागीर, कराड़िया, मकोडिया, मछूखेड़ी और पोवाड़ा सहित आसपास के गांवों के दूध उत्पादक किसान भी बड़ी संख्या में शामिल हुए.
