इंदौर: अपोलो हॉस्पिटल के बाहर सोमवार सुबह माहौल बेहद भावुक था. एक तरफ 25 वर्षीय गौरव दवे को अंतिम विदाई देने पहुंचे परिजनों की आंखें नम थीं, तो दूसरी ओर अस्पताल परिसर में मौजूद डॉक्टर, मुस्कान ग्रुप के सेवादार और पुलिसकर्मी इस बात के साक्षी बने कि कैसे एक युवा की विदाई चार लोगों के जीवन में नई उम्मीद बन गई.खजूरी बाजार में रहने वाले फिल्म कास्टिंग कोऑर्डिनेटर एवं कलाकार गौरव दवे सोमवार 13 जुलाई से ब्रेन हेमरेज के बाद अपोलो हॉस्पिटल फेस 2 में भर्ती थे. इलाज के दौरान जब डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.
इसी बीच बहन वैदही राठी, बहनोई पलकेश राठी और भाई रितिक चावरे ने डॉक्टरों और मुस्कान ग्रुप के सेवादारों से अंगदान की प्रक्रिया को समझा और माता पिता सतीश दवे व कविता दवे को इसके लिए तैयार किया. परिवार की सहमति के बाद गौरव का अंगदान कर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की गई. ब्रेन डेथ का पहला प्रमाणन सुबह 7:27 बजे और दूसरा दोपहर 4:28 बजे पूरा हुआ. इसके बाद रातभर अंग प्रत्यारोपण की तैयारियां चलती रहीं.
गौरव का हृदय अहमदाबाद के यूएन मेहता हॉस्पिटल में भर्ती 28 वर्षीय मरीज को भेजा गया, जबकि लिवर अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती इंदौर के 42 वर्षीय मरीज में प्रत्यारोपित किया. दोनों किडनियां चोइथराम हॉस्पिटल की 22 वर्षीय और 52 वर्षीय महिला मरीजों को नई जिंदगी देने के लिए सुरक्षित पहुंचाई गईं. चेन्नई के अपोलो हॉस्पिटल में एक मरीज के लिए फेफड़े आवंटित किए थे, लेकिन अंतिम समय में लॉजिस्टिक व्यवस्था नहीं हो पाने के कारण उनका प्रत्यारोपण नहीं हो सका.
वहीं अहमदाबाद के यूएन मेहता हॉस्पिटल से हार्ट ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. कार्तिक पटेल अपनी 10 सदस्यीय टीम के साथ देर रात एंबुलेंस से रवाना होकर सुबह 4:20 बजे इंदौर पहुंचे. जबकि अपोलो हॉस्पिटल की ट्रांसप्लांट टीम और मध्य प्रदेश शासन के सोटो कार्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर अंग आवंटन की पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया. सुबह 8:02 बजे अपोलो हॉस्पिटल से एयरपोर्ट तक इंदौर का 68वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया. ट्रैफिक पुलिस की विशेष व्यवस्था के चलते एंबुलेंस महज 13 मिनट में एयरपोर्ट पहुंच गई. इसके बाद सुबह 9:15 बजे दूसरा ग्रीन कॉरिडोर चोइथराम हॉस्पिटल के लिए बनाया, जो 16 मिनट में पूरा हुआ.
विदाई के क्षण सबसे अधिक भावुक रहे, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल के तहत अंगदाताओं को दिए जाने वाले सम्मान के अनुरूप गौरव दवे को गार्ड ऑफ ऑनर दिया. अस्पताल परिसर में मानव श्रृंखला बनाकर पुष्पवर्षा के बीच उन्हें अंतिम विदाई दी गई. इस दौरान परिजनों के साथ मौजूद लोगों की आंखें नम थीं और हर कोई गौरव के इस अंतिम निर्णय को सलाम करता नजर आया. बताया गया है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान सांसद शंकर लालवानी और संभागायुक्त डॉ. सुदाम खेड़े ने व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग की. वहीं मुस्कान ग्रुप के सेवादार जीतू बगानी, संदीपन आर्य, लकी खत्री और हरपाल सितलानी ने समन्वय की जिम्मेदारी निभाई.
मुस्कान ग्रुप के संदीपन आर्य बताया कि गौरव दवे और उनके परिवार ने सबसे कठिन समय में अंगदान का निर्णय लेकर कई परिवारों में नई उम्मीद जगाई है. वहीं अपोलो हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अभिलाष पिल्लई ने कहा कि अंगदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है और दवे परिवार का यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा.
