बिना सूचना, बिना वर्दी, तडक़े 6 बजे रेड, दो प्रधान आरक्षक बने बंधक

जबलपुर। तिलवारा थाना अंतर्गत सकरी में नियमों को ताक पर रखकर दो प्रधान आरक्षक सादे कपड़ों में पहुंच गए जिन्हें ग्रामीणों ने बंधक बना लिया । हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। लेकिन ग्रामीणों का सब्र टूट गया, और उन्होंने एकजुट होकर तिलवारा थाने का घेराव कर दिया और थाना प्रभारी के सामने पुलिस कर्मियों का कच्चा चिटठा खोल कर रख दिया। महिलाओं आरोप है कि पुलिसकर्मी देर रात उनके घरों में जबरन दाखिल हो जाते हैं। जब इसका विरोध करते हैं, तो उनके साथ झूमाझपटी की जाती है। वर्दीधारी घर की महिलाओं के साथ अभद्रता करने से भी बाज नहीं आते। वर्दी की धौंस दिखाकर अवैध वसूली करते है। थाना प्रभारी ने उन्हें जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देते हुए शांत कराया ।

जानकारी के अनुसार तिलवारा थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक पृथ्वीराज अपने साथी प्रधान आरक्षक राजेश के साथ बिना थाना प्रभारी को बिना सूचना दिए सुबह 6 बजे सिविल ड्रेस में सकरी गांव जा धमके। सुबह-सुबह सादे कपड़ों में संदिग्ध हरकतें करते देख ग्रामीणों का गुस्सा भडक़ गया। ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाई और दोनों को घेरकर बंधक बना लिया था। जब पुलिसकर्मियों ने खुद को घिरता देखा, तो पैंतरा बदलते हुए कहा कि उन्हें कच्ची शराब बेचने की मुखबिरी मिली थी। हालांकि, बाद में पुलिस महकमे के दखल के बाद ग्रामीणों ने उन्हें छोड़ दिया गया लेकिन इसके बाद पुलिसकर्मियों के खिलाफ आक्रोशित ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। पीडि़त ग्रामीणों ने तिलवारा थाने पहुंचकर थाना प्रभारी से मामले की लिखित शिकायत की और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस पूरी घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर दिए है । सवाल यह उठता है कि अगर पुलिसकर्मी किसी वैध कार्रवाई के लिए गए थे, तो उन्होंने अपने ही थाना प्रभारी को सूचना क्यों नहीं दी? सिविल ड्रेस में तडक़े 6 बजे गांव में घुसने के पीछे कौन सा इरादा था? ग्रामीणों का सीधा आरोप आरोप है प्रधान आरक्षक पृथ्वीराज सिर्फ और सिर्फ अवैध वसूली के इरादे से गांव में बीते तीन से चार माह से लगातार आ रहे थे और रात में वे बेवजह घरों में घुस रहे थे। देर रात बिना किसी वारंट या वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के उनके घरों में जबरन दाखिल हो जाते थे। जब ग्रामीण इस अवैध घुसपैठ का विरोध करते हैं, तो उनके साथ झूमाझपटी की जाती है। पुलिसकर्मी घर की महिलाओं के साथ भी अभद्रता करने से बाज नहीं आते और वर्दी की धौंस दिखाकर लगातार अवैध वसूली कर रहे हैं।

इनका कहना है

पुलिस नियमानुसार और कानून के दायरे में रहकर ही अपनी कार्रवाई करती है। सकरी गांव में दो प्रधान आरक्षक सिविल ड्रेस में बिना सूचना दिए पहुंचे थे। मामले की जांच शुरू कर दी है । जांच प्रतिवेदन वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा जाएगा, जांच में तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

बृजेश मिश्रा, तिलवारा थाना प्रभारी

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