

पिथौरागढ़, 26 जुलाई (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांवों का भ्रमण कर चुके माई भारत और कार्यक्रम के युवा वॉलेंटियर्स से वर्चुअल संवाद किया। इस दौरान युवाओं ने सीमावर्ती क्षेत्रों के भ्रमण के अपने अनुभव साझा करते हुए वहां की संस्कृति, जीवनशैली, विकास, उपलब्ध सुविधाओं और चुनौतियों के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम का सीधा प्रसारण पिथौरागढ़ में भी किया गया। कलेक्ट्रेट स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में माई भारत से जुड़े युवा वॉलेंटियर्स ने प्रधानमंत्री का संबोधन सुना और देशभर के विभिन्न राज्यों के युवाओं द्वारा साझा किए गए अनुभवों से प्रेरणा ली।
उप निदेशक, युवा भारत कार्यक्रम पिथौरागढ़ शैलेश भट्ट ने बताया कि जनपद में वर्तमान में 18 युवा वॉलेंटियर्स माई भारत कार्यक्रम से सक्रिय रूप से जुड़े हैं। इनमें एक वॉलेंटियर ने हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती गांव का भ्रमण कर वहां के सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक पहलुओं का अध्ययन किया है।
उन्होंने बताया कि विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत 3 से 30 जून 2026 के बीच आयोजित सात दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम में पिथौरागढ़ के सीमावर्ती गांवों में 40 और 26 सदस्यीय वॉलेंटियर्स के दो दलों ने भ्रमण किया। इस दौरान युवाओं ने सीमांत क्षेत्रों की स्थानीय संस्कृति, परंपराओं, रहन-सहन और आजीविका के साधनों के साथ ही मूलभूत सुविधाओं और स्थानीय चुनौतियों को नजदीक से समझा। युवाओं ने स्थानीय नागरिकों से संवाद भी किया।
कार्यक्रम में देशभर के करीब 245 जिलों से 5,000 से अधिक युवा वॉलेंटियर्स ने प्रतिभाग किया। इस दौरान युवाओं ने अपने अनुभव साझा किए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से राष्ट्र निर्माण, सीमांत क्षेत्रों के विकास तथा युवा सहभागिता को लेकर नई ऊर्जा प्राप्त की।
