नयी दिल्ली, 14 मई (वार्ता) ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान में सक्रिय रूप से भागीदार होने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि अबू धाबी इस संघर्ष में शामिल था और उसने उनके देश के खिलाफ हुई आक्रामक कार्रवाइयों में सहयोग दिया।
भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के दौरान टेलीग्राम पर अपने पोस्ट में श्री अराघची ने कहा, “यूएई इस आक्रमण में एक सक्रिय भागीदार है और इसमें कोई संदेह नहीं है।” उन्होंने संघर्ष के दौरान इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच यूएई में हुई एक कथित “गुप्त बैठक” का भी जिक्र किया। हालांकि अबू धाबी ने ऐसी किसी भी बैठक के होने से सिरे से इनकार किया है।
श्री अराघची ने कहा, “यूएई मेरे देश के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई में सीधे तौर पर शामिल था। जब यह हमला शुरू हुआ, तो उन्होंने इसकी निंदा करने तक से इनकार कर दिया था।” उन्होंने कहा कि बाद में यह स्पष्ट हो गया कि यूएई ने हमलों में हिस्सा लिया था और उसने ईरान के खिलाफ सीधे तौर पर भी कार्रवाई की होगी।
उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से ईरान और यूएई के बीच के संबंधों में भारी गिरावट आई है। उस हमले में ईरान के शीर्ष नेता भी मारे गए थे, जिसके जवाब में तेहरान ने खाड़ी में अमेरिकी सहयोगियों पर जवाबी हवाई हमले किए थे। फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच 8 अप्रैल से एक नाजुक संघर्ष विराम लागू है।
ईरान ने खाड़ी देशों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी धरती से अमेरिकी सेना को सैन्य संचालन की अनुमति देकर वाशिंगटन की मदद की है, जबकि खाड़ी देशों ने बार-बार इन आरोपों को खारिज किया है।
इससे पहले इसी महीने यूएई ने अपने पूर्वी अमीरात फुजैराह में एक ऊर्जा संयंत्र पर हुए ड्रोन हमले के लिए भी ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। इससे ईरान ने इंकार किया था।
