
सीधी । एनएच-39 से आवारा पशुओं को गौशालाओं में भेजने विशेष अभियान चलेगा। यह अभियान मोहनिया टनल से बहरी तक चलेगा। जिला पंचायत सीईओं ने तत्संबंध में आदेश जारी किया है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर मोहनिया टनल से बहरी तक सडक़ दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं आमजन की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए आवारा पशुओं को चिन्हित कर उन्हें गौशालाओं में शिफ्ट करने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान संबंधित विभागों एवं स्थानीय निकायों के समन्वय से सडक़ पर विचरण कर रहे निराश्रित पशुओं को सुरक्षित रूप से गौशालाओं में पहुंचाया जाएगा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों की समुचित देखभाल करें तथा उन्हें खुले में अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर विचरण के लिए न छोड़ें। उन्होंने कहा कि सडक़ पर छोड़े गए पशु दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनते हैं जिससे पशुओं के साथ-साथ वाहन चालकों का जीवन भी खतरे में पड़ता है। उधर जानकारों का कहना है कि जिला प्रशासन राष्ट्रीय राजमार्ग से आवारा पशुओं को गौशालाओं में विस्थापित करने की बनाई गई रणनीति काफी अच्छी है।
आवारा पशुओं से बढ़ रहे सडक़ हादसे
राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 39 काफी व्यस्ततम मार्ग है। खरीफ सीजन की खेती किसानी का कार्य ग्रामीण अंचलों में तेजी के साथ शुरू हो चुका है। ऐसे में जो आवारा पशु गांवों के खेतों में विचरण कर रहे थे उनको खदेड़ कर राष्ट्रीय राजमार्ग में कर दिया गया है। लिहाजा इन दिनों जगह-जगह राष्ट्रीय राजमार्ग में आवारा पशुओं के झुण्ड मौजूद हैं। आवारा पशु विचरण करने के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग में ही अपना डेरा हर समय जमाये रहते हैं। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले वाहनों की चपेट में आने से आवारा पशु तो घायल होते ही हैं कई बार उनकी दर्दनाक मौत भी हो जाती है। आवारा पशुओं के चलते होने वाले हादसों में दो पहिया वाहन चालक भी घायल हो रहे हैं। जिला प्रशासन की यह व्यवस्था राष्ट्रीय राजमार्ग में सडक़ हादसों को रोकेगी।
इनका कहना है
अभियान के दौरान सडक़ पर विचरण करते पाए जाने वाले पशुओं को गौशालाओं में भेजा जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित पशुपालक की होगी। जिला प्रशासन ने सभी पशुपालकों से जनहित एवं यातायात सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अभियान में सहयोग करने तथा अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की अपील की है।
शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, सीईओ जिला पंचायत सीधी
