
इंदौर। नीट पेपर लीक मामले को लेकर लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही इंदौर के भंवरकुआं चौराहे पर माहौल पूरी तरह बदल गया। पिछले कई दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर जश्न मनाया, एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और आंदोलन की सफलता का दावा किया।
हल्की बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग धरना स्थल पर पहुंचे। छात्रों ने पटाखे फोड़े, राष्ट्रगीत गाए और एक-दूसरे को गले लगाकर खुशी जाहिर की। राहगीरों ने भी रुककर आंदोलनकारियों को बधाई दी और उनके उत्साह में शामिल हुए।
25 दिनों तक भंवरकुआं बना आंदोलन का केंद्र
दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर इंदौर का भंवरकुआं चौराहा भी पिछले करीब 25 दिनों से छात्र आंदोलन का प्रमुख केंद्र बना हुआ था। यहां लगातार धरना, प्रदर्शन और सतत अनशन चल रहा था। नीट पेपर लीक मामले में कार्रवाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे थे।
बिना किसी संगठन के शुरू हुआ आंदोलन
इस आंदोलन की शुरुआत पवन अहिरवार, अरुण बडोले सहित कुछ युवाओं ने बिना किसी राजनीतिक दल, संगठन या बैनर-पोस्टर के की थी। आंदोलन के दौरान छात्रों ने कलेक्टोरेट तक रैली निकालकर भी अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाया।
इस्तीफे की खबर मिलते ही बदला माहौल
जैसे ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा सौंपने की खबर आंदोलनकारियों तक पहुंची, धरना स्थल पर मौजूद छात्रों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। ढोल-नगाड़े बजने लगे और पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल बन गया। अधिकांश आंदोलनकारी खुशी जताने के बाद धरना स्थल से लौट गए, जिससे प्रदर्शन स्थल लगभग खाली हो गया।
टी-शर्ट और नारों ने खींचा ध्यान
जश्न के दौरान कुछ छात्रों ने “ना मर्दों के प्रदेश, मप्र में भी हैं मर्द” लिखी टी-शर्ट लहराकर अपना विरोध और संदेश अलग अंदाज में प्रस्तुत किया। पूरे आयोजन के दौरान आंदोलनकारी लगातार शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग दोहराते रहे।
