ग्वालियर में बेजुबान बंदर को तड़प तड़प कर मरने छोड़ा

ग्वालियर। वन विभाग में जानवरों के संरक्षण के लिए करोड़ों रुपए का फंड कहां खर्च होता है कोई नहीं जानता। ग्वालियर के बिरला नगर इलाके में पिछले दो दिन पहले करेंट से झुलसा हुआ बंदर बेहद दयनीय स्थिति में तड़पता हुआ मिला। एक व्यक्ति ने जिम्मेदारी निभाते हुए वन विभाग से लेकर प्रशासन तक के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को फोन किए कि इस बंदर की हालत बहुत नाज़ुक है, इसलिए इसका समुचित इलाज किया जाए और यहाँ से ले जाकर किसी शेल्टर में रखा जाए। लेकिन वन विभाग के डीएफओ ने भी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। वैसे वन विभाग के लिए जानवरों का मरना एक सामान्य प्रक्रिया होती है तो वन्य प्राणियों के हित में कार्य कर रहा एक एनजीओ सामने आया। उसने बंदर का इलाज करने की जिम्मेदारी ली लेकिन उनके पास भी यही समस्या थी कि इस घायल जानवर को रखा कहांँ जाए। बहरहाल जानवरों के नाम पर अपना पेट भरने वाले जिम्मेदार विभागों ने तो इस बंदर को मारने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अंततः जीवाश्रम एनजीओ ने इंसानियत का परिचय देते हुए करेंट खाकर तड़पते हुए बंदर के इलाज की व्यवस्था की।

Next Post

इंदौर में छात्रों का जश्न, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर पर मनाई खुशी

Sat Jul 25 , 2026
इंदौर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही इंदौर में पिछले 25 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों और युवा संगठनों में खुशी की लहर दौड़ गई। टंट्या भील चौराहे पर धरना दे रहे विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर आंदोलन की जीत का जश्न […]

You May Like