सिंगरौली: चितरंगी विकासखंड के शासकीय प्राथमिक पाठशाला कुशमहवा में मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि बच्चों को पौष्टिक और संतुलित भोजन देने के बजाय बिना मसाले की उबली कटहल की सब्जी तथा बेहद निम्न स्तर का भोजन परोसा जा रहा है। इससे गरीब और आदिवासी परिवारों के बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार मिड-डे मील योजना पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका लाभ बच्चों तक नहीं पहुंच रहा है। आरोप है कि समूह संचालकों की मनमानी पर अंकुश नहीं लगाया जा रहा, जबकि खंड शिक्षा कार्यालय से लेकर जिला स्तर तक जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी भी प्रभावी नहीं दिख रही है। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी तथा सभी विद्यालयों में बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की मांग की है।
