
भोपाल। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (एमपीईएसबी) द्वारा 7 जून को आयोजित वनरक्षक, क्षेत्ररक्षक, जेल प्रहरी एवं सहायक जेल अधीक्षक भर्ती परीक्षा-2026 में कथित अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने कर्मचारी चयन मंडल कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। संगठन ने परीक्षा संचालन में हुई कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तथा प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत प्रदान करने की मांग उठाई।
प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार और भोपाल जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर के नेतृत्व में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कर्मचारी चयन मंडल कार्यालय पहुंचकर संयुक्त परीक्षा नियंत्रक दिनेश अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा।
रवि परमार ने आरोप लगाया कि हजारों अभ्यर्थी दूर-दराज क्षेत्रों से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे और यात्रा व अन्य व्यवस्थाओं पर भारी खर्च किया, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा तथा बाद में परीक्षा निरस्त कर दी गई। उन्होंने कहा कि इससे अभ्यर्थियों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
अक्षय तोमर ने कहा कि पूरी घटना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है और इससे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। एनएसयूआई ने परीक्षा शुल्क वापस करने, उच्चस्तरीय जांच कराने, प्रभावित अभ्यर्थियों को मुआवजा देने तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
