जबलपुर: जालसाज ने जमीन के नाम पर 18 लाख रुपये की मोटी रकम ऐंठने के बाद, वही जमीन किसी अन्य महिला के नाम रजिस्ट्री कर दी। इस पूरे खेल में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एक बैंक मैनेजर की संलिप्तता भी उजागर हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है ।पुलिस के मुताबिक हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी कटनी के निवासी प्रकाश बजाज ने वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत करते हुए बताया कि उन्होंने ने सुरेंद्र कुमार त्रिपाठी से दो अलग-अलग तारीखों पर जमीन खरीदने का सौदा किया था। पहला इकरारनामा ग्राम नैगवां स्थित खसरा नं. 159/1 की 0.44 हेक्टेयर जमीन का सौदा 8 लाख रुपये में हुआ।
दूसरा इकरारनामा परसेल स्थित खसरा नं. 694 की 0.34 हेक्टेयर जमीन का सौदा भी 8 लाख रुपये में तय हुआ। इसके बाद आरोपी ने पैसों की जरूरत बताकर 4 लाख रुपये और लिए। पीडि़त प्रकाश बजाज ने कुल मिलाकर 18,00,000 रुपये का भुगतान चेक और नगद के जरिए आरोपी को कर दिया, जिसकी बाकायदा लिखित पावती भी इकरारनामे के पीछे दर्ज है। पूरी रकम वसूलने के बाद जब प्रकाश बजाज ने आरोपी से जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम करने का दबाव बनाया, तो आरोपी सुरेंद्र कुमार त्रिपाठी अपने असली रंग में आ गया। आरोपी ने रजिस्ट्री करने से साफ मना कर दिया और पीडि़त को झूठे केस में फंसाने तथा जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने रौब झाड़ते हुए कहा कि मेरा भाई कटनी पुलिस में है, तुम्हें झूठे केस के अंदर करवा दूंगा।
रजिस्ट्रार दफ्तर से खुला जालसाजी का राज
जब पीडि़त ने जमीन के रिकॉर्ड खंगाले। रजिस्ट्रार कार्यालय से जो दस्तावेज निकलकर सामने आए, उसने पीडि़त के होश उड़ा दिए। जालसाज सुरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने प्रकाश बजाज से पूरे पैसे लेने के बावजूद, दोनों जमीनें धोखे से जमुना प्रजापति निवासी मकान नं. 129, उमरिया रोड, सिहोरा के नाम पर रजिस्टर्ड कर दी थीं।जांच में पाया गया कि आरोपी सुरेंद्र कुमार त्रिपाठी और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा कूम्ही/सतधारा के तत्कालीन बैंक मैनेजर बृज लाल प्रजापति मिलकर धोखाधड़ी की है । यह गिरोह क्षेत्र के भोले-भाले किसानों और आम जनता को किसान क्रेडिट कार्ड खाता धारकों के खातों में बकाया राशि जमा करने, लोन सेटलमेंट कराने और खातों में ज्यादा पैसा डालकर भारी मुनाफे का लालच देता था। बैंक मैनेजर पद का दुरुपयोग करते हुए बृज लाल प्रजापति ने प्रकाश बजाज को अपने झांसे में लिया और सुरेंद्र कुमार त्रिपाठी पर भरोसा करवाया, जिसके कारण पीडि़त ठगी का शिकार हो गया।
