धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े छात्र, शहर में आंदोलन जारी

इंदौर: प्रधानमंत्री के संदेश के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है, लेकिन इंदौर में छात्रों का आंदोलन अभी भी जारी है. भंवरकुआ चौराहे पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी लगातार धरने पर बैठे हुए हैं. हालांकि, पिछले कुछ दिनों की तुलना में शुक्रवार को आंदोलन में छात्रों की संख्या कम दिखाई दी, फिर भी कई छात्र अपनी मांगों को लेकर धरना स्थल पर डटे रहे.

धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं किए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों का आरोप है कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं और शिक्षा व्यवस्था की खामियों के कारण लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी छात्रों के समर्थन में इंदौर पहुंचे धरना स्थल पर छात्रों के साथ बात की. धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य सरकार का ध्यान शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं की ओर आकर्षित करना है. छात्रों का दावा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.

नीट विद्यार्थी ने सुनाई पीड़ा
धरने में शामिल एक नीट अभ्यर्थी ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर अपनी पीड़ा साझा की. उन्होंने बताया कि उन्होंने वर्ष 2023 से लेकर 2026 तक लगातार नीट परीक्षा दी, लेकिन हर वर्ष पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के कारण कटऑफ बढ़ता गया, जिससे उनका चयन नहीं हो सका. छात्र ने कहा मैं खंडवा का रहने वाला हूं. मेरे पिता ने कर्ज लेकर मुझे पढ़ाई के लिए इंदौर भेजा ताकि मैं डॉक्टर बनने का सपना पूरा कर सकूं. लेकिन हर साल परीक्षा में गड़बड़ियों और पेपर लीक के कारण मेहनत करने वाले छात्रों को नुकसान उठाना पड़ता है. लगातार चार वर्षों से प्रयास करने के बावजूद मेरा चयन नहीं हो पाया. अब मैं तब तक इस धरने से नहीं उठूंगा, जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की ठोस पहल नहीं होती.

आने वाली पीढ़ियों के लिए आंदोलन
धरने में शामिल छात्रा जानकी निम ने बताया कि उनका आंदोलन केवल वर्तमान छात्रों के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए है. उन्होंने कहा हम चाहते हैं कि देश में ऐसी शिक्षा व्यवस्था बने, जिसमें मेहनत करने वाले छात्रों को न्याय मिले. लगातार पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की खामियों से ईमानदारी से पढ़ाई करने वाले छात्रों का मनोबल टूट रहा है. जब तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होगा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा.

170 किमी साइकिल चलाकर पहुंचे
सुसनेर जिला आगर मालवा से लगभग 170 किलोमीटर साइकिल चलाकर प्रदीप गोयल इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन में शामिल होने पहुँचे. प्रदीप गोयल ने बताया यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण और न्याय की लड़ाई के प्रति उनके अटूट संकल्प का प्रतीक है

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